ओडिशा से सिकंदराबाद ला रहे थे गांजा
हैदराबाद। ओडिशा के बालुगांव से सिकंदराबाद (Secunderabad) तक गांजे की अंतरराज्यीय तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए राजकीय रेलवे पुलिस सिकंदराबाद (जीआरपी) तथा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने संयुक्त अभियान (joint operation) में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से अठारह किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत नौ लाख चौदह हजार चार सौ रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिषेक सिंह उर्फ गोलू सिंह, निवासी बलिया जिला उत्तर प्रदेश, (25)तथा अभिषेक कुमार सिंह उर्फ अभिनाश, मूल निवासी दक्षिण चौबीस परगना पश्चिम बंगाल (23) के रूप में हुई है। दोनों आपस में रिश्तेदार हैं और जीविका के लिए विभिन्न कार्य करते थे।
दो माह पूर्व रोजगार की तलाश में भुवनेश्वर गया था अभिषेक
अधिक धन कमाने की लालसा में वे गांजा तस्करी में शामिल हो गए। पुलिस के अनुसार लगभग दो माह पूर्व अभिषेक सिंह रोजगार की तलाश में भुवनेश्वर गया था, जहां उसकी मुलाकात डिगल नामक व्यक्ति से हुई, जो चिल्का, ओडिशा का निवासी है और अवैध रूप से गांजा विभिन्न राज्यों में पहुंचाने का कार्य करता है। डिगल ने प्रत्येक यात्रा के लिए पंद्रह हजार रुपये देने का प्रस्ताव रखा, जिसे अभिषेक सिंह ने स्वीकार कर लिया। दस फरवरी दो हजार छब्बीस को डिगल ने उसे दूरभाष पर संपर्क कर एक और विश्वसनीय व्यक्ति साथ लाने को कहा। इसके बाद अभिषेक सिंह गोलू ने अभिषेक कुमार सिंह को योजना बताई और वह भी तैयार हो गया। दोनों भुवनेश्वर से रेलगाड़ी द्वारा सिकंदराबाद के लिए रवाना हुए।
घटना के बाद से फरार है मुख्य आरोपी डिगल
11 फरवरी को बालुगांव रेलवे स्टेशन पर डिगल ने उन्हें अठारह किलोग्राम दो सौ अठासी ग्राम गांजा से भरे दो बैग सौंपे और निर्देश दिया कि सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के सामान्य प्रतीक्षालय में पहुंचकर एक व्यक्ति को माल सौंप दें। बारह फरवरी को प्रातः लगभग साढ़े ग्यारह बजे दोनों सिकंदराबाद पहुंचे और प्रतीक्षालय में इंतजार करने लगे। इसी दौरान सतर्कता जांच कर रही राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने उन्हें पकड़ लिया तथा गांजा जब्त कर लिया। मुख्य आरोपी डिगल घटना के बाद से फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के पर्यवेक्षण में यह पूरी कार्रवाई सफलतापूर्वक संपन्न की गई।
साइबराबाद के वर्तमान पुलिस आयुक्त कौन हैं?
साइबराबाद पुलिस का वर्तमान Commissioner of Police डॉ. एम. रमेश, IPS हैं। वे एक वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं जिन्होंने 31 दिसंबर 2025 को इस पद की जिम्मेदारी संभाली, और अब साइबराबाद पुलिस के शीर्ष अधिकारी के रूप में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और अपराध नियंत्रण से जुड़े कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं। उनकी प्राथमिकता में आम जनता की सुरक्षा, नियमों का पालन और पेशेवर, पारदर्शी पुलिसिंग शामिल है।
साइबर पुलिस का क्या कार्य है?
साइबर पुलिस का मुख्य कार्य ऑनलाइन व डिजिटल अपराधों की रोकथाम, जांच और समाधान करना है। यह इंटरनेट, कंप्यूटर, मोबाइल और तकनीक का उपयोग करके किए गए अपराध जैसे फिशिंग, फ्रॉड, डेटा चोरी, हैकिंग, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराध को पहचाना और नियंत्रित करता है। साइबर पुलिस समय पर शिकायत दर्ज कर, साक्ष्य एकत्र कर, आरोपी की पहचान कर और गिरफ्तारी तथा मुकदमा चलाने में सहायता करती है ताकि डिजिटल दुनिया में लोगों को सुरक्षित बनाया जा सके।
कौन सा राज्य का पहला साइबर पुलिस स्टेशन था?
देश में सबसे पहला साइबर अपराध पुलिस स्टेशन कर्नाटक के बेंगलुरु में स्थापित किया गया था। इसे 2001 में स्थापित किया गया था ताकि कंप्यूटर और इंटरनेट से जुड़े अपराधों को विशेष रूप से संभाला जा सके। इस तरह के पहले थाने का उद्देश्य साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को तेजी से निपटाना और विशेषज्ञता के साथ जांच करना था।
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