हैदराबाद। तेलंगाना विधानसभा के चल रहे सत्र के दौरान आज हंगामा देखने को मिला। बीआरएस (BRS) पार्टी के विधायक सदन में भारी प्रदर्शन करते हुए बेल की ओर दौड़े और नारेबाजी की। कार्यवाही के बीच पूर्व मंत्री और वर्तमान खैरताबाद विधायक दानम नागेंद्र के बयानों ने सदन में भूचाल ला दिया। उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में की गई भूमि आवंटनों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। विशेष रूप से उनके आरोप बीआरएस पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव के खिलाफ चर्चा का विषय बन गए। इस मामले पर बोलते हुए विधायक दानम नागेंद्र ने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी जमीन निजी कंपनी (privately held company) को हस्तांतरित की, और चूंकि उस समय केटीआर सत्ता के शीर्ष पर थे, उन्हें इस वजह से भारी नुकसान उठाना पड़ा।
मैं हैदराबाद में पैदा हुआ और बड़ा हुआ
उन्होंने कहा कि मैं हैदराबाद में पैदा हुआ और बड़ा हुआ, फिर भी उस समय मैं असहाय था। मुझे चुप रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। मैं मांग करता हूँ कि राज्य सरकार तुरंत एक हाउस कमेटी गठित करे ताकि इन भूमि हस्तांतरणों में शामिल अनियमितताओं का पता लगाया जा सके। मेरे पास इन अनियमितताओं से जुड़े सभी प्रमाण और दस्तावेज हैं। मैं इन्हें सरकार की मांग पर सौंपने के लिए तैयार हूँ। केवल मुझे ही पता है कि मैंने व्यक्तिगत रूप से कितना नुकसान सहा है। यह आवश्यक है कि ये सभी तथ्य सार्वजनिक हों।
हैदराबाद किन दो राज्यों में है?
यह शहर केवल तेलंगाना में स्थित है। पहले यह संयुक्त आंध्र प्रदेश की राजधानी था, लेकिन 2014 में राज्य विभाजन के बाद हैदराबाद तेलंगाना की राजधानी बन गया। कुछ समय तक यह दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी रहा, पर अब यह पूरी तरह तेलंगाना में ही आता है।
हैदराबाद का पूरा नाम क्या है?
पूरा नाम “हैदराबाद” ही है। ऐतिहासिक रूप से इसे “भाग्यनगर” या “भग्यानगर” भी कहा जाता था। बाद में कुतुब शाही शासक मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने इसका नाम हैदराबाद रखा, जो आज आधिकारिक और प्रचलित नाम है।
हैदराबाद में कौन सी भाषाएं बोली जाती हैं?
हैदराबाद में मुख्य रूप से तेलुगु और उर्दू बोली जाती हैं। इसके अलावा हिंदी और अंग्रेजी भी काफी प्रचलित हैं। यह शहर बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक है, इसलिए यहां अलग-अलग समुदायों के लोग अपनी-अपनी भाषाओं का उपयोग करते हैं।
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