हैदराबाद। कमिश्नर टास्क फोर्स, राजेंद्रनगर जोन की टीम ने कलापत्थर पुलिस (Kalapathar Police) के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पुलिस अधिकारी बताकर सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो पोस्ट कर रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए एआई आधारित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर मनगढ़ंत वीडियो बनाता था। इन वीडियो में वह खुद को पुलिस अधिकारी के रूप में दिखाता था और हथियारों का प्रदर्शन कर लोगों को गुमराह करता था, जिससे आम जनता में भ्रम और घबराहट (Confusion and Panic) की स्थिति पैदा हो सकती थी। इस संबंध में कलापत्थर थाने में अपराध संख्या 89/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 205 और आईटी एक्ट 2000 की धारा 66 व 66डी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो पूरी तरह फर्जी
जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे ये वीडियो पूरी तरह फर्जी थे और इनका किसी भी वास्तविक पुलिस गतिविधि से कोई संबंध नहीं था। आरोपी ने गैरकानूनी तरीके से पुलिस अधिकारी का रूप धारण कर भ्रामक डिजिटल सामग्री तैयार की, जो कानून के तहत दंडनीय अपराध है। विश्वसनीय सूचना के आधार पर टास्क फोर्स टीम ने आरोपी को मैलारदेवपल्ली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 10 हजार रुपये बताई जा रही है।
पेशे से फूड डिलीवरी का काम करता है आरोपी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद अबू बकर अली तबस्सुम (27) के रूप में हुई है, जो पेशे से फूड डिलीवरी का काम करता है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और इस तरह की गतिविधियों में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। हैदराबाद पुलिस कमिश्नर ने टास्क फोर्स, राजेंद्रनगर टीम और कालापत्थर पुलिस द्वारा फर्जी वीडियो बनाकर पुलिस अधिकारी का रूप धारण करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी में किए गए सराहनीय कार्य की प्रशंसा की है। यह कार्रवाई विभव गायकवाड़, पुलिस उपायुक्त (टास्क फोर्स) की देखरेख में की गई।
नकली पुलिस अधिकारी की पहचान कैसे करें?
असली पुलिस अधिकारी की पहचान उसकी वर्दी, बैज नंबर और आधिकारिक पहचान पत्र से होती है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के पास आईडी कार्ड न हो, अनधिकृत वाहन हो या वह पैसे की मांग करे तो सावधान रहना चाहिए। असली पुलिस आमतौर पर बिना कारण जबरदस्ती वसूली नहीं करती। किसी शक की स्थिति में 112 पर कॉल करके पुष्टि की जा सकती है।
पुलिस बदतमीजी करे तो क्या करें?
शिकायत करने के लिए सबसे पहले घटना की जानकारी और सबूत जैसे वीडियो या गवाह इकट्ठा करना उपयोगी होता है। इसके बाद संबंधित थाने के SHO या उससे ऊपर के अधिकारी जैसे SP या DCP को लिखित शिकायत दी जा सकती है। 112 हेल्पलाइन पर भी तुरंत सूचना दी जा सकती है। ऑनलाइन पोर्टल या वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर जांच की मांग की जा सकती है।
पुलिस के खिलाफ शिकायत कहाँ करनी चाहिए?
शिकायत दर्ज करने के लिए जिला स्तर पर SP या DIG कार्यालय सबसे उपयुक्त स्थान होता है। इसके अलावा राज्य पुलिस मुख्यालय या DGP कार्यालय में भी शिकायत दी जा सकती है। मानवाधिकार आयोग (NHRC) में भी गंभीर मामलों की शिकायत की जा सकती है। कई राज्यों में ऑनलाइन जनसुनवाई पोर्टल भी उपलब्ध हैं जहां शिकायत दर्ज करके ट्रैक की जा सकती है।
फर्जी पुलिस कॉल की रिपोर्ट कहां करें?
इस तरह की कॉल की सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर देनी चाहिए या नजदीकी साइबर सेल में रिपोर्ट करनी चाहिए। संदिग्ध नंबर और कॉल की डिटेल सुरक्षित रखनी चाहिए। इसके अलावा 112 पर भी सूचना दी जा सकती है ताकि जांच शुरू हो सके। ऐसी कॉल अक्सर ठगी के लिए होती हैं, इसलिए किसी भी जानकारी या पैसे की मांग पर तुरंत सतर्क रहना जरूरी होता है।
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