मंथनी। पेद्दापल्ली सांसद गड्डम वंशी कृष्ण ने आईटी मंत्री दुद्दिला श्रीधर बाबू (Duddila Sridhar Babu) के साथ बुधवार को मंथनी में टीएएसके-एवीजीसी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर और टीएएसके-सीट्रिल्स टैलेंट सेंटर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सांसद वंशी कृष्ण ने कहा कि यदि युवाओं को एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण (Training) दिया जाए, तो उनके लिए रोजगार के व्यापक अवसर तैयार होंगे। उन्होंने बताया कि यह केंद्र ग्रामीण छात्रों के लिए विश्वस्तरीय तकनीक सीखने का मंच बनेगा। तेलंगाना एकेडमी फॉर स्किल एंड नॉलेज (टीएएसके) और सीटीआरएलएस डाटा सेंटर लिमिटेड के संयुक्त सहयोग से स्थापित इस टैलेंट सेंटर में उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा।
युवाओं को मिलेगा नया अवसर
वंशी कृष्ण ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को डिजिटल दुनिया के करीब लाना है। उन्होंने खुशी जताई कि अब युवाओं को ऐसे कोर्स करने के लिए हैदराबाद या बेंगलुरु जैसे दूरदराज शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने मंथनी में यह केंद्र स्थापित करने के लिए मंत्री श्रीधर बाबू का आभार व्यक्त किया और युवाओं व छात्रों से इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान सांसद वंशी कृष्ण और मंत्री श्रीधर बाबू ने गंगापुरी में 7.30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली एक गारमेंट यूनिट का शिलान्यास भी किया।
स्किल इंडिया सेंटर क्या है?
केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे कौशल विकास मिशन के तहत यह प्रशिक्षण केंद्र होता है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार योग्य बनाना और विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक कौशल सिखाना है। यहां पर कंप्यूटर, इलेक्ट्रिकल, सिलाई, मैकेनिक, हेल्थकेयर जैसे कई कोर्स कराए जाते हैं। प्रशिक्षण के बाद प्रमाणपत्र भी दिया जाता है जिससे नौकरी पाने या स्वरोजगार शुरू करने में मदद मिलती है।
स्किल सेंटर क्या होता है?
ऐसा प्रशिक्षण संस्थान जहां लोगों को किसी विशेष काम या तकनीकी क्षेत्र की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाती है, स्किल सेंटर कहलाता है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ हाथों से काम करना सिखाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बेरोजगारी कम करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना होता है। सरकारी और निजी दोनों तरह के स्किल सेंटर होते हैं, जहां अलग-अलग प्रकार के छोटे और लंबे समय के कोर्स उपलब्ध रहते हैं।
स्किल इंडिया कोर्स की फीस कितनी है?
इस योजना के तहत कई कोर्स बिल्कुल मुफ्त होते हैं, खासकर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के अंतर्गत। कुछ निजी या एडवांस कोर्स में 1000 रुपये से लेकर 10000 रुपये या उससे अधिक तक फीस हो सकती है। फीस कोर्स की अवधि और संस्थान पर निर्भर करती है। कई बार सरकार प्रशिक्षण के साथ स्टाइपेंड भी देती है ताकि छात्र आसानी से सीख सकें और रोजगार के लिए तैयार हो सकें।
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