हैदराबाद। तेलंगाना इलेक्ट्रोपैथी प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (Telangana Electropathy Practitioners Association) एवं एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ इलेक्ट्रोपैथी मेडिकल साइंस के संयुक्त तत्वावधान में नामपल्ली के निकट एक निजी होटल में ‘विश्व इलेक्ट्रोपैथी दिवस (World Electropathy Day)’ का आयोजन किया गया। यह दिवस इलेक्ट्रोपैथी के जनक डॉ. काउंट सेज़ारे माटेई की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान एशियन इंस्टिट्यूट के विद्यार्थियों ने इलेक्ट्रोपैथी के सिद्धांतों एवं इसके चिकित्सीय महत्व को दर्शाते हुए एक सशक्त लाइव प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। सभा को संबोधित करते हुए तेलंगाना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एम. ए. रहीम खान ने तेलंगाना में इलेक्ट्रोपैथी की कानूनी स्थिति पर प्रकाश डाला तथा हाल ही में आए उच्च न्यायालय के एक निर्णय की जानकारी दी, जो इलेक्ट्रोपैथी के पक्ष में बताया गया।
अनुसंधान एवं विकास पर विशेष ध्यान देने का आह्वान
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एम. ए. करीम ने इलेक्ट्रोपैथी पद्धति को सशक्त बनाने के लिए अनुसंधान एवं विकास पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. राधा ने विद्यार्थियों को इलेक्ट्रोपैथी के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाने और सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस हर्बल चिकित्सा पद्धति के प्रचार-प्रसार में जागरूकता, कौशल और ज्ञान के महत्व पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. एम. ए. रकीब खान ने अतिथियों एवं कलाकारों को सम्मानित किया। आयोजन में चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों, प्रैक्टिशनर्स, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने भाग लिया और इलेक्ट्रोपैथी को एक सुरक्षित एवं प्रभावी हर्बल चिकित्सा पद्धति के रूप में व्यापक मान्यता दिलाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम की मेजबानी एशियन इंस्टिट्यूट के निदेशक डॉ. मुक्तार अहमद और सैयद रियाज़ अहमद ने की।
विश्व होम्योपैथी दिवस 2025 का विषय क्या है?
वर्ष 2025 के लिए विश्व होम्योपैथी दिवस की आधिकारिक थीम अभी तक औपचारिक रूप से घोषित नहीं की गई है। आमतौर पर यह विषय होम्योपैथी की भूमिका, समग्र स्वास्थ्य, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और वैकल्पिक चिकित्सा में इसके योगदान पर केंद्रित रहता है। थीम की घोषणा संबंधित संस्थाओं द्वारा कार्यक्रम के नजदीक की जाती है।
विश्व होम्योपैथी दिवस कब मनाया जाता है?
हर साल 10 अप्रैल को यह दिवस मनाया जाता है। यह दिन होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमैन की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सेमिनार, स्वास्थ्य शिविर और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
विश्व आयुर्वेद दिवस कब है?
धनतेरस के दिन विश्व आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है। यह तिथि हर साल हिंदू पंचांग के अनुसार बदलती रहती है, जो आमतौर पर अक्टूबर या नवंबर महीने में आती है। आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति, उसके महत्व और वैश्विक स्वास्थ्य में योगदान को रेखांकित करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।
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