National- भारत-चीन संबंधों में नरमी के संकेत, SCO बैठक के बाद जिनपिंग के दौरे की चर्चा

Author Icon By Anuj Kumar
Updated: April 19, 2026 • 11:29 AM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

नई दिल्ली,। भारत और चीन के बीच पिछले कुछ समय से सुधरते कूटनीतिक रिश्तों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित हुआ है। दोनों देशों ने 16-17 अप्रैल को शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organization) के तहत अपनी पहली द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की। साल 2024 में पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के सुलझने के बाद इस बैठक को सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

SCO बैठक में सहयोग बढ़ाने पर जोर

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस वार्ता में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने (SCO) नेताओं के फैसलों के प्रभावी क्रियान्वयन और संगठन की भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा की। भारत और चीन ने वैश्विक व क्षेत्रीय मुद्दों पर आपसी संवाद जारी रखने और सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई।

सुरक्षा, व्यापार और कनेक्टिविटी पर चर्चा

दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और जन-संपर्क जैसे क्षेत्रों में SCO ढांचे के भीतर सहयोग की समीक्षा की। विशेषज्ञों के अनुसार, सीमा विवाद के बाद दोनों देश ब्रिक्स और SCO जैसे मंचों पर सक्रियता से साथ काम कर रहे हैं।

उच्चस्तरीय दौरों की बढ़ती संभावना

बीजिंग ने भारत की मौजूदा ब्रिक्स (Brics) अध्यक्षता का समर्थन किया है। इसी कड़ी में वांग यी के मई में भारत आने की संभावना है, जबकि शी जिनपिंग के सितंबर में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत दौरे की उम्मीद जताई जा रही है।

भारत का स्पष्ट रुख और प्राथमिकताएं

भारत का SCO के प्रति रुख स्पष्ट और सैद्धांतिक रहा है। भारत इस यूरेशियन समूह में अपनी सदस्यता को महत्व देता है और संगठन के जरिए आतंकवाद, कट्टरपंथ और उग्रवाद से मुकाबले पर जोर देता है। साथ ही, भारत कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने का समर्थक है, लेकिन संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान को जरूरी मानता है।

अन्य पढ़े: IT सेक्टर में बड़ा झटका, 3 महीनों में 80 हजार छंटनी

प्रधानमंत्री मोदी का सख्त संदेश

नरेंद्र मोदी ने भी पिछले शिखर सम्मेलनों में स्पष्ट किया है कि संप्रभुता को नजरअंदाज करने वाली कोई भी कनेक्टिविटी पहल भरोसेमंद नहीं हो सकती।

विश्वास बहाली की दिशा में अहम कदम

फिलहाल, यह द्विपक्षीय वार्ता एशिया की इन दो बड़ी शक्तियों के बीच विश्वास बहाली की प्रक्रिया को नई गति देती नजर आ रही है।

Read More :

# Paper Hindi News #Breaking News in Hindi #BreakingNews #Google News in Hindi #Hindi News #Hindi News Paper #HindiNews #Latest news #LatestNews #Shanghai Cooperation Organization News breakingnews latestnews trendingnews

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.