वॉशिंगटन। रूस और यूक्रेन की जंग रोकने के प्रयासों में सफलता न मिलने के बाद अमेरिका (America) ने बुधवार को रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। यह कदम मॉस्को पर यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Bladimir Putin) से उनकी वार्ताएं निष्फल रहीं और अब हिंसा रोकने का समय आ गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कदम अस्थायी रहेगा और युद्ध का समाधान निकले।
अमेरिकी वित्त विभाग की भूमिका
अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, इन प्रतिबंधों का लक्ष्य रूस की ऊर्जा क्षेत्र पर आर्थिक दबाव बढ़ाना और क्रेमलिन की राजस्व जुटाने की क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह अपनी युद्ध मशीन को चला नहीं सके। विभाग ने बताया कि रूस द्वारा शांति प्रक्रिया में गंभीरता नहीं दिखाने के परिणामस्वरूप यह कदम उठाया गया है।
अमेरिकी ट्रेज़री सचिव का संदेश
अमेरिकी ट्रेज़री सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अब निर्दोष लोगों की हत्या रोकने और तत्काल युद्धविराम का समय है। ट्रेज़री विभाग रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगा रहा है, जो क्रेमलिन की युद्ध मशीन को वित्तीय मदद देती हैं। अगर आवश्यक हुआ तो अमेरिका आगे और कार्रवाई करने के लिए तैयार है और सहयोगी देशों से भी प्रतिबंधों में शामिल होने का आग्रह किया गया है।
अमेरिका में कितनी जातियां हैं?
अमेरिका में कोई निश्चित संख्या नहीं है, बल्कि इसे मुख्य जातियों में वर्गीकृत किया गया है। अमेरिकी जनगणना के अनुसार, मुख्य नस्लीय श्रेणियाँ हैं: श्वेत, अश्वेत या अफ्रीकी अमेरिकी, एशियाई, अमेरिकी भारतीय और अलास्का मूल निवासी, और मूल हवाईयन या अन्य प्रशांत द्वीपवासी।
अमेरिका में कितने प्रतिशत भारतीय ब्राह्मण हैं?
हालाँकि 5% से भी कम भारतीय ब्राह्मण हैं, निजी सर्वेक्षणों से पता चलता है कि 25% भारतीय अमेरिकी ब्राह्मण हैं। दलित भारत की आबादी का 15% हैं, लेकिन वे भारतीय अमेरिकियों का 1% से ज़्यादा नहीं हैं।
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