हैदराबाद। सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी (Irrigation Minister N. Uttam Kumar Reddy) ने पेद्दापल्ली जिले के गुम्पुला और अडवी सोमणपल्ली गांवों में स्थित चेक डैम के टूटने की घटना पर गहरी चिंता और असंतोष व्यक्त किया है। घटना की जानकारी मिलते ही मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी और उच्चस्तरीय सतर्कता (Vigilance) जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि यह जांच इस बात का पता लगाएगी कि चेक डैम की विफलता घटिया निर्माण सामग्री के कारण हुई या फिर अवैध रेत खनन जैसे बाहरी हस्तक्षेप की वजह से।
मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है सरकार
उत्तम कुमार रेड्डी ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी अधिकारी या निजी व्यक्ति की लापरवाही या संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा, “हमारी सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। किसानों के हित में बने चेक डैम को नुकसान पहुँचाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
चेक डैम का क्या अर्थ है?
छोटे जलधाराओं या नालों पर बनाया जाने वाला कम ऊँचाई का बाँध चेक डैम कहलाता है। इसका उद्देश्य पानी के बहाव को रोकना या धीमा करना होता है, ताकि वर्षा जल को संचित कर भूजल स्तर बढ़ाया जा सके।
चेक डैम का निर्माण कैसे किया जाता है?
नाले या छोटी नदी के उपयुक्त स्थान का चयन कर नींव तैयार की जाती है। इसके बाद पत्थर, मिट्टी, कंक्रीट या सीमेंट से कम ऊँचाई की दीवार बनाई जाती है, जिससे पानी रुक सके और धीरे-धीरे जमीन में समा जाए।
चेक डैम क्यों बनाया जाता है?
भूजल पुनर्भरण, मिट्टी कटाव रोकने और सूखे की समस्या कम करने के लिए इसका निर्माण किया जाता है। यह कृषि के लिए पानी उपलब्ध कराता है, आसपास की हरियाली बढ़ाता है और जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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