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Earthquake- कच्छ में भूकंप के झटके, 4.1 तीव्रता दर्ज-कोई नुकसान नहीं

Anuj Kumar
Anuj Kumar
Earthquake- कच्छ में भूकंप के झटके, 4.1 तीव्रता दर्ज-कोई नुकसान नहीं

कच्छ । गुजरात के कच्छ जिले में शुक्रवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे कुछ समय के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि भूकंप से किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। भूकंप (Earthquake) की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गई

भूकंप का केंद्र और समय

गांधीनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) के अनुसार भूकंप शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात करीब 1.22 बजे दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र कच्छ जिले के खावड़ा क्षेत्र से लगभग 55 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित था।

लोगों में दहशत, लेकिन कोई नुकसान नहीं

झटके महसूस होते ही कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और कुछ देर तक भय के माहौल में रहे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कहीं से भी किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं मिली। प्रशासन ने एहतियातन संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से भी किसी प्रकार की क्षति या घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है।

कच्छ हाई रिस्क जोन

कच्छ जिला भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील यानी ‘हाई रिस्क जोन’ (High Risk Zone) में आता है। इस क्षेत्र में समय-समय पर कम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हल्के झटके क्षेत्र की भूगर्भीय गतिविधियों का हिस्सा हैं, लेकिन सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है।

कच्छ की पुरानी त्रासदी की याद

गौरतलब है कि कच्छ इससे पहले भी तेज भूकंप की त्रासदी झेल चुका है। 26 जनवरी 2001 को कच्छ जिले में आए विनाशकारी भूकंप की तीव्रता 7.6 थी, जिसका केंद्र भचाऊ के पास था। उस भूकंप में करीब 13,800 लोगों की जान गई थी और लाखों लोग बेघर हो गए थे। इस भयावह घटना के बाद से कच्छ को भूकंपीय दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है

भूकंप का जनक कौन था?

भूकंप विज्ञान के जनक’ डबलिन निवासी रॉबर्ट मैलेट नामक एक आयरिश व्यक्ति थे। उन्होंने 1800 के दशक के मध्य में किलिनी बीच पर डायनामाइट का उपयोग करके भूकंप विज्ञान पर वैज्ञानिक अध्ययन किया और उन्हें भूकंप विज्ञान और उपरिकेंद्र जैसे शब्दों का आविष्कार करने का श्रेय दिया जाता है।

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