नई दिल्ली। राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। पिछले चार दिनों के भीतर पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के पांच युवकों को संदिग्ध गतिविधियों के चलते हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई हाल ही में जैसलमेर में पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क (Pakistan Network) के भंडाफोड़ के बाद की गई है, जिससे एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ गई है।
होटल चेकिंग के दौरान पकड़े गए तीन युवक
शनिवार (31 जनवरी) सुबह करीब 8 बजे भीमगंज मंडी थाना क्षेत्र में होटल चेकिंग के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने तीन कश्मीरी युवकों को हिरासत में लिया। इससे पहले मकबरा थाना क्षेत्र से दो अन्य युवकों को डिटेन किया गया था। सभी पांचों युवक जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले (Baramula District) के निवासी बताए जा रहे हैं।
चंदा जुटाने का दावा, एजेंसियों को संदेह
भीमगंज मंडी थाना प्रभारी रामकिशन गोदारा के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में युवकों ने दावा किया कि वे बारामूला में एक मदरसे के निर्माण के लिए कोटा की मुस्लिम बस्तियों से चंदा इकट्ठा करने आए थे। हालांकि, उनकी गतिविधियों और आवाजाही को देखते हुए पुलिस को संदेह हुआ, जिसके बाद आर्मी इंटेलिजेंस, सीआईडी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को जांच में शामिल किया गया।
जांच तेज, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि युवकों का कोटा आने का उद्देश्य केवल चंदा जुटाना था या इसके पीछे कोई और मकसद छिपा है। शहर के होटलों और संवेदनशील इलाकों में चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जाएगा।
अन्य पढ़े: ट्रम्प अकाउंट: अमेरिका में पैदा होने वाले हर बच्चे को मिलेंगे ₹92 हजार
जैसलमेर जासूसी मामले के बाद बढ़ी सतर्कता
गौरतलब है कि हाल के दिनों में राजस्थान के जैसलमेर में पाकिस्तान से जुड़े जासूसी मामलों का खुलासा हुआ था। इसके बाद से ही राज्यभर में सुरक्षा एजेंसियां खास तौर पर सीमावर्ती इलाकों और बड़े शहरों में संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। कोटा की यह कार्रवाई भी उसी बढ़ी हुई सतर्कता का हिस्सा मानी जा रही है।
Read More :