हैदराबाद। उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क (Bhatti Vikramarka) ने घोषणा की है कि राज्य सरकार ने आगामी दो वर्षों में हैदराबाद शहर के सर्वांगीण विकास के लिए 20 हजार करोड़ का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि इस राशि के अंतर्गत कई परियोजनाएँ पहले ही अंतिम रूप ले चुकी हैं, जबकि अनेक कार्य प्रगति पर हैं। हाईटेक्स में आयोजित क्रेडाई प्रॉपर्टी एग्ज़ीबिशन शो (CREDAI Property Exhibition) के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हैदराबाद के विकास के लिए इतनी बड़ी राशि का विशेष आवंटन राज्य के इतिहास में पहली बार किया गया है।

जीवन स्तर के मामले में आगे बढ़ रहा है हैदराबाद
उन्होंने बताया कि ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) सीमा में 1,950.52 करोड़, हैदराबाद महानगर जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (एचएमडब्लूएसएसबी) के लिए 12,500 करोड़ तथा हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एचएमडीए) के लिए 4,365 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि हैदराबाद न केवल देश के प्रमुख शहरों से प्रतिस्पर्धा कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी निवेश, कुशल मानव संसाधन और जीवन स्तर के मामले में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने 27 आसपास की नगरपालिकाओं को जीएचएमसी में शामिल किए जाने को ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि इससे समान नागरिक सुविधाएँ, एकीकृत योजना और आउटर रिंग रोड क्षेत्र में समग्र विकास संभव हो पाया है।

नवाचार और वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बना रहेगा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एच-सीआईटीआई कार्यक्रम के तहत 7,032 करोड़ से अधिक की लागत से 45 फ्लाईओवर, अंडरपास तथा 10 सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएँ पूरे शहर में संतुलित ढंग से लागू की जा रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हैदराबाद रोजगार, नवाचार और वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बना रहेगा तथा विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुँचेगा।
हैदराबाद किस राज्य की राजधानी है?
यह तेलंगाना राज्य की राजधानी है।
हैदराबाद का पुराना नाम क्या था?
हैदराबाद का पुराना नाम भाग्यनगर (Bhagyanagar) माना जाता है।
इतिहास में इसे कभी-कभी बागनगर / भाग्यनगर
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