अब चांद पर बनाएगी AI सैटेलाइट फैक्ट्री
वाशिंगटन: दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति इलॉन मस्क(Elon Musk) ने अपनी AI कंपनी xAI के जरिए एक क्रांतिकारी विजन पेश किया है। मस्क अब अंतरिक्ष में विस्तार करते हुए चंद्रमा पर एक AI सैटेलाइट फैक्ट्री स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य सूरज की अपार ऊर्जा(Immense Energy) का 1% हिस्सा कैप्चर करना है, जो आज की पूरी दुनिया की ऊर्जा जरूरतों से लाखों गुना अधिक होगा। मस्क ने बताया कि वे चंद्रमा पर एक ‘मास ड्राइवेर’ (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक लॉन्चर) लगाएंगे, जो वहां तैयार होने वाले सैटेलाइट्स को सीधे अंतरिक्ष में लॉन्च करेगा, ताकि ब्रह्मांड के अनसुलझे रहस्यों और अन्य सभ्यताओं की खोज की जा सके।
मैक्रोहार्ड प्रोजेक्ट: डिजिटल सिमुलेशन और रॉकेट डिजाइन
मस्क की xAI अब चार विशेष टीमों(Special Teams) में विभाजित है, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण ‘मैक्रोहार्ड’ (Macro Hard) प्रोजेक्ट है। यह प्रोजेक्ट सिर्फ साधारण सॉफ्टवेयर नहीं बनाएगा, बल्कि पूरी कंपनियों का ‘डिजिटल सिमुलेशन’ तैयार करेगा। इसके जरिए किसी भी बड़े बिजनेस फैसले या रॉकेट इंजन के जटिल डिजाइन को असल में लागू करने से पहले कंप्यूटर मॉडल(Elon Musk) पर टेस्ट किया जा सकेगा। मस्क का लक्ष्य एआई के माध्यम से रॉकेट इंजन के पार्ट्स डिजाइन करना है, जिससे इंसानी गलती की संभावना खत्म हो जाएगी और निर्माण की गति कई गुना बढ़ जाएगी।
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कोडिंग का अंत: सॉफ्टवेयर खुद लिखेगा अपनी भाषा
मस्क ने कोडिंग की दुनिया में एक बड़ा बदलाव लाने का दावा किया है। उनके अनुसार, इस साल के अंत तक इंसानों को कोड लिखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। AI इतना सक्षम हो जाएगा कि वह सीधे बाइनरी (0 और 1) में फाइलें तैयार करेगा, जो किसी भी इंसानी प्रोग्रामर(Elon Musk) से बेहतर और तेज होंगी। इसके साथ ही, xAI की ‘इमेजिन’ टीम साल के अंत तक 20 मिनट लंबे हाई-क्वालिटी वीडियो बनाने वाला मॉडल पेश करेगी। मस्क का ‘मेम्फिस क्लस्टर’ सुपरकंप्यूटर, जो 1363 किलोमीटर लंबी फाइबर केबल से जुड़ा है, इस विजन को हकीकत में बदलने के लिए 24 घंटे काम कर रहा है।
इलॉन मस्क का ‘मैक्रोहार्ड’ प्रोजेक्ट माइक्रोसॉफ्ट से कैसे अलग है?
‘मैक्रोहार्ड’ नाम मस्क द्वारा माइक्रोसॉफ्ट पर एक तंज है। तकनीकी रूप से, यह प्रोजेक्ट साधारण सॉफ्टवेयर के बजाय जटिल मशीनों (जैसे रॉकेट इंजन) का डिजाइन तैयार करने और पूरी कंपनियों की वर्किंग का कंप्यूटर सिमुलेशन(Elon Musk) बनाने पर केंद्रित है, ताकि भविष्य के परिणामों का सटीक अनुमान लगाया जा सके।
चंद्रमा पर फैक्ट्री लगाने के पीछे मुख्य वैज्ञानिक तर्क क्या है?
चंद्रमा पर फैक्ट्री लगाने का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष में ही AI सैटेलाइट्स का निर्माण करना और उन्हें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक लॉन्चर के जरिए आसानी से अंतरिक्ष में भेजना है। इससे धरती से लॉन्च करने का खर्च बचेगा और सूरज की ऊर्जा को कैप्चर करने वाले विशाल एआई क्लस्टर को ब्रह्मांड में तेजी से फैलाया जा सकेगा।
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