“रेलवे में विवाद निपटान : मध्यस्थता पर विशेष फोकस” विषय पर व्याख्यान
हैदराबाद। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) की सतर्कता शाखा ने अपनी क्षमता-विकास पहल “फोर्टिफाई लेक्चर सीरीज़” के अंतर्गत शुक्रवार को रेल निलयम स्थित समन्वय कॉन्फ्रेंस हॉल में “रेलवे में विवाद निपटान : मध्यस्थता पर विशेष फोकस” विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया। यह इस श्रृंखला का छठा सत्र था, जो संस्थागत ज्ञान को सुदृढ़ करने, सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देने तथा अधिकारियों की पेशेवर दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गुंटूर मंडल की मंडल रेल प्रबंधक सुदेशना सेन (IRAS) ने मुख्य वक्ता के रूप में व्याख्यान दिया। उन्होंने अपने प्रशासनिक एवं वित्तीय अनुभव के आधार पर रेलवे में विवाद निपटान तंत्र, विशेषकर मध्यस्थता की व्यावहारिक उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े तीन कार्यशालाओं के अधिकारी
कार्यक्रम में दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव, अतिरिक्त महाप्रबंधक सत्य प्रकाश, वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी आशीष मेहरोत्रा सहित मुख्यालय के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। विजयवाड़ा, गुंतकल, सिकंदराबाद, हैदराबाद और नांदेड़ मंडलों के मंडल रेल प्रबंधकों सहित सभी छह मंडलों एवं तीन कार्यशालाओं के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े, जिससे पूरे ज़ोन में व्यापक सहभागिता सुनिश्चित हुई। महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि रेलवे प्रशासन में मध्यस्थता का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि रेलवे में होने वाले अनेक संविदात्मक विवादों का निपटान इसी माध्यम से किया जाता है।

प्रभावी और त्वरित विवाद निपटान के लिए अनिवार्य अनुशासित प्रक्रिया का पालन
उन्होंने कहा कि बढ़ती परियोजनाओं और जटिल अनुबंधों के मद्देनज़र अधिकारियों के लिए नवीनतम कानूनी प्रावधानों की जानकारी आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने ‘मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996’ में 2015, 2019 और 2021 में किए गए संशोधनों की व्यावहारिक समझ पर बल दिया। व्याख्यान के दौरान सुदेशना सेन ने मध्यस्थों की नियुक्ति प्रक्रिया, कार्यवाही संचालन, वैधानिक समय-सीमा तथा विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समयबद्ध एवं अनुशासित प्रक्रिया का पालन प्रभावी और त्वरित विवाद निपटान के लिए अनिवार्य है। कार्यक्रम का समापन संवादात्मक चर्चा के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने रेलवे में मध्यस्थता मामलों के प्रभावी संचालन से संबंधित सर्वोत्तम प्रथाओं पर उपयोगी जानकारी प्राप्त की। यह आयोजन दक्षिण मध्य रेलवे की पारदर्शी एवं विधिसम्मत विवाद निपटान प्रणाली के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
दक्षिण मध्य रेलवे का मुख्यालय कहाँ है?
South Central Railway का मुख्यालय Secunderabad में स्थित है। यह रेलवे ज़ोन भारतीय रेल का एक प्रमुख मंडल है, जो तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में रेल सेवाएँ संचालित करता है। इसका गठन वर्ष 1966 में किया गया था। यह ज़ोन यात्री और मालगाड़ियों के संचालन के साथ-साथ क्षेत्रीय रेल बुनियादी ढांचे के विकास की जिम्मेदारी निभाता है।
पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय कहाँ है?
East Central Railway का मुख्यालय Hajipur (बिहार) में स्थित है। इस रेलवे ज़ोन की स्थापना वर्ष 2002 में की गई थी। यह बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में रेल सेवाओं का संचालन करता है। पूर्व मध्य रेलवे माल ढुलाई के क्षेत्र में विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है और यह भारतीय रेल के प्रमुख राजस्व अर्जित करने वाले ज़ोन में शामिल है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय कहाँ है?
South East Central Railway का मुख्यालय Bilaspur (छत्तीसगढ़) में स्थित है। इसका गठन वर्ष 2003 में हुआ था। यह ज़ोन छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में रेल सेवाएँ प्रदान करता है। यह भारतीय रेल के सबसे अधिक माल राजस्व अर्जित करने वाले ज़ोन में से एक है, विशेषकर कोयला परिवहन के कारण।
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