सीपी ने स्टील पुल निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया
हैदराबाद। हैदराबाद शहर में भविष्य में यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए शुरू किए गए ‘हैदराबाद सिटी नवोन्मेषी एवं रूपांतरणीय आधारभूत संरचना’ परियोजना के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस संबंध में पुलिस आयुक्त, हैदराबाद वी.सी. सज्जनार (V.C. Sajjanar) ने शुक्रवार को बंजारा हिल्स मार्ग संख्या 2 पर मुग्धा चौराहा में चल रहे स्टील पुल निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, महानगर पालिका निगम और मेघा अभियंत्रण के प्रतिनिधियों के साथ निर्माण स्थल का जायजा लिया।
इस अवसर पर बोलते हुए पुलिस आयुक्त ने बताया कि इन कार्यों का उद्देश्य शहर में सिग्नल-मुक्त सड़क नेटवर्क स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में कुल सात पुल और अंडरपास (Bridges and underpasses) का निर्माण किया जाएगा, विशेष रूप से के.बी.आर. पार्क के आसपास यातायात को बिना रुकावट सुनिश्चित करने के लिए।
चरणबद्ध और सुव्यवस्थित तरीके से निर्माण कार्य
उन्होंने समझाया कि यह निर्माण कार्य चरणबद्ध और सुव्यवस्थित तरीके से महानगर पालिका निगम, राज्य सरकार और पुलिस विभाग के समन्वय में किया जा रहा है ताकि जनता को न्यूनतम असुविधा हो। इसी पहल के तहत, मुग्धा चौराहा से के.बी.आर. पार्क की ओर जाने वाले मार्ग पर छह स्तंभों का निर्माण कार्य शुक्रवार रात से प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य मुख्यतः रात के समय किए जाएंगे ताकि दिन के समय यातायात में बाधा न आए।
नींव कार्य पूरे होने तक मार्ग पर थोड़ी असुविधा हो सकती है, उसके बाद वाहन यातायात सामान्य रूप से चलेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूर्ण होने पर के.बी.आर. पार्क के आसपास का क्षेत्र पूरी तरह सिग्नल-मुक्त चौराहों में परिवर्तित हो जाएगा, जिससे शहर के मध्य, पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में यातायात सुगम और तीव्र होगा। निर्माण कार्यों के दृष्टिगत संबंधित मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे, और उन्होंने वाहन चालकों से अग्रिम यात्रा योजना बनाने की अपील की।
सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का अनुरोध
जनता से अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का अनुरोध किया। कार्य प्रारंभ होने के पहले दो-तीन दिनों के अनुभव के आधार पर आवश्यक मार्ग संशोधन किए जाएंगे और समय-समय पर अपडेटेड यातायात निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने नागरिकों और वाहन चालकों से सहयोग की अपील की ताकि शहर के समग्र विकास के लिए इन कार्यों को सुचारू रूप से संपन्न किया जा सके। इस कार्यक्रम में संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) डी. जोएल डेविस, संयुक्त पुलिस आयुक्त (विशेष शाखा) एस.एम. विजय कुमार, यातायात डीसीपी काजल, जुबली हिल्स डीसीपी रामना रेड्डी, महानगर पालिका निगम के वरिष्ठ अधिकारी और मेघा अभियंत्रण के प्रतिनिधि रामबाबू और सुधाकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
भारत का सिग्नल फ्री शहर कौन सा है?
Kochi को भारत का पहला “सिग्नल-फ्री शहर” बनाने की दिशा में विशेष पहल की गई थी। केरल सरकार और स्थानीय प्रशासन ने कई प्रमुख चौराहों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली विकसित की, ताकि रेड लाइट पर रुकने की आवश्यकता कम हो। हालांकि पूरी तरह सिग्नल-फ्री होना व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण है, फिर भी कोच्चि को इस मॉडल के लिए उदाहरण के रूप में देखा जाता है।
सिग्नल क्या है?
अर्थ संकेत या संकेत प्रणाली होता है। सड़क यातायात में यह ट्रैफिक लाइट के रूप में लाल, पीली और हरी बत्ती के जरिए वाहनों और पैदल यात्रियों को दिशा देता है। इसके अलावा दूरसंचार, रेल, मोबाइल नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक्स में भी सिग्नल का उपयोग सूचना या संदेश भेजने के लिए किया जाता है। यह सुरक्षा, समन्वय और संचार का महत्वपूर्ण माध्यम है।
सिग्नल किसकी कंपनी है?
Signal एक सुरक्षित मैसेजिंग ऐप है, जिसे Signal Foundation द्वारा संचालित किया जाता है। यह एक गैर-लाभकारी संस्था है, जिसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के माध्यम से सुरक्षित और निजी संचार सुविधा प्रदान करना है। Signal ऐप को गोपनीयता और डेटा सुरक्षा के लिए दुनिया भर में सराहा जाता है।
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