बाजार की वर्तमान स्थिति और गिरावट के कारण
नई दिल्ली: 6 मार्च, 2026 को लगातार तीसरे दिन सोने(Gold) और चांदी की कीमतों में कमी दर्ज की गई है। IBJA के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना ₹1,59,409 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,63,210 प्रति किलो पर आ गई है। विशेषज्ञों(Experts) का मानना है कि इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण ‘प्रॉफिट बुकिंग’ है, जहाँ निवेशक बढ़े हुए दामों पर मुनाफा कमाकर अपनी होल्डिंग कम कर रहे हैं।
क्षेत्रीय अंतर के पीछे के कारक
देश के विभिन्न शहरों में सोने(Gold) की कीमतों में भिन्नता का मुख्य कारण ट्रांसपोर्टेशन लागत, स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन के नियम, खरीद की मात्रा और ज्वेलर्स के पास मौजूद स्टॉक की खरीद लागत है। उदाहरण के लिए, दक्षिण भारत(South India) में सोने की अधिक खपत होने के कारण वहां थोक में खरीदारी पर मिलने वाली छूट का लाभ ग्राहकों को कीमतों में कमी के रूप में मिल सकता है।
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निवेश और सुरक्षा के लिए सुझाव
कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए, निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। सोना(Gold) खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाले सर्टिफाइड गोल्ड को प्राथमिकता दें, ताकि उसकी शुद्धता सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, खरीदारी से पहले अधिकृत वेबसाइटों (जैसे IBJA) पर सोने के दैनिक भाव को क्रॉस-चेक करना एक समझदारी भरा निर्णय है।
सोने-चांदी के दाम अलग-अलग शहरों में भिन्न क्यों होते हैं?
इसके मुख्य चार कारण हैं-ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी का खर्च, स्थानीय बाजार में खरीदारी की मात्रा, स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन द्वारा तय किए गए रेट, और ज्वेलर्स द्वारा स्टॉक की गई पुरानी इन्वेंट्री की लागत।
हॉलमार्क वाला सोना खरीदना क्यों महत्वपूर्ण है?
हॉलमार्क ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) द्वारा दी गई शुद्धता की गारंटी है। हॉलमार्क से सोने के कैरेट (शुद्धता) की स्पष्ट जानकारी मिलती है, जिससे ग्राहक को कम शुद्धता वाले सोने के लिए ज्यादा पैसे देने का जोखिम नहीं रहता।
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