तिरुमला । टीटीडी के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी च. वेंकैया चौधरी (Venkaiah Chowdary) ने बताया कि तिरुमला मंदिर में 30 दिसंबर से 8 जनवरी तक आयोजित होने वाले वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्थाएँ (Arrangements) की गई हैं। उन्होंने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर तिरुमला में शिला तोरणम से दर्शन क्यू लाइन तक की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
स्वयं क्यू लाइनों में पेयजल नलों की कार्यप्रणाली की जांच की
इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त ईओ ने स्वयं क्यू लाइनों में पेयजल नलों की कार्यप्रणाली, भोजन वितरण की व्यवस्था और शौचालय सुविधाओं का अवलोकन किया तथा श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनकी प्रतिक्रिया भी प्राप्त की। बाद में मीडिया से बात करते हुए अतिरिक्त ईओ ने कहा कि वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए अधिकांश व्यवस्थाएँ पहले ही पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं से प्राप्त सुझावों के आधार पर क्यू लाइनों में कई बदलाव किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि क्यू लाइनों में बैठने की व्यवस्था की गई है, पर्याप्त पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई गई है तथा क्यू लाइनों के पास अतिरिक्त शौचालयों की व्यवस्था की गई है।
एसएसडी टोकन 28 दिसंबर से 7 जनवरी तक रद्द कर
तिरुमला श्रीवारी मंदिर में वैकुंठ द्वार दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए, तिरुपति स्थित भूदेवी कॉम्प्लेक्स में श्रद्धालुओं को दिए जाने वाले एसएसडी टोकन 28 दिसंबर से 7 जनवरी तक रद्द कर दिए गए हैं। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे इस बात का संज्ञान लें और टीटीडी के साथ सहयोग करें। तिरुमला मंदिर में वैकुंठ द्वार दर्शन 30 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
30 व 31 दिसंबर और 1 जनवरी को ई-डिप टोकन वालों को वैकुंठ द्वार दर्शन
पहले तीन दिनों अर्थात 30 दिसंबर, 31 दिसंबर और 1 जनवरी को वैकुंठ द्वार दर्शन केवल उन्हीं श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध होगा जिन्होंने ई-डिप के माध्यम से टोकन प्राप्त किए हैं। जिन श्रद्धालुओं ने टोकन प्राप्त किए हैं, वे केवल उन्हें आवंटित तिथि और समय स्लॉट के अनुसार ही तिरुमला में दर्शन प्रवेश स्थलों पर पहुँचे। जिन श्रद्धालुओं के पास टोकन नहीं हैं, उनसे अनुरोध है कि वे 2 जनवरी से 8 जनवरी के बीच अपनी यात्रा की योजना बनाएं और टीटीडी जनसंपर्क विभाग, एसवीबीसी तथा सोशल मीडिया के माध्यम से समय-समय पर जारी की जाने वाली भीड़ संबंधी जानकारी के आधार पर सर्वदर्शन क्यू लाइन के माध्यम से वैकुंठ द्वार दर्शन का लाभ उठाएं।
टीटीडी क्या है?
यह एक स्वायत्त धार्मिक ट्रस्ट है, जो आंध्र प्रदेश में स्थित
श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर, तिरुमला और उससे जुड़े अन्य मंदिरों का
प्रबंधन और संचालन करता है।
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