चुनौतियों के बीच पहली तिमाही में 2% की विकास दर
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक तनाव और ऊर्जा संकट के बीच अमेरिका के लिए आर्थिक मोर्चे(American Economy) पर राहत भरी खबर आई है। वाणिज्य विभाग (Commerce Department) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 की तिमाही में अमेरिकी अर्थव्यवस्था 2% की दर से बढ़ी है। यह पिछले साल (2025) की अंतिम तिमाही के मुकाबले एक बड़ी छलांग है, जब जीडीपी विकास दर महज 0.5% रह गई थी। इस विकास में सबसे बड़ा योगदान फेडरल गवर्नमेंट के खर्च और निवेश का रहा, जिसमें 9.3% की सालाना दर से वृद्धि दर्ज की गई है।
एआई (AI) निवेश और उपभोक्ता खर्च में बदलाव
अमेरिकी आर्थिक गतिविधि में बिजनेस इन्वेस्टमेंट ने मजबूती दिखाई है, जिसमें 8.7% की तेजी आई। इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र में जा रहा है। हालांकि, महंगाई के दबाव के कारण आम उपभोक्ताओं के हाथ तंग नजर आ रहे हैं। कंज्यूमर स्पेंडिंग, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था का लगभग 70% हिस्सा है, पिछली तिमाही के 1.9% से घटकर इस बार 1.6% रह गया है। यह संकेत देता है कि ऊर्जा(Energy) की बढ़ती कीमतों का असर अब आम नागरिकों की क्रय शक्ति पर पड़ने लगा है।
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ईरान युद्ध और भविष्य की चुनौतियां
भले ही वर्तमान आंकड़े सकारात्मक हैं, लेकिन भविष्य की राह कठिन नजर आ रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से दुनिया की 20% तेल और गैस की आपूर्ति बाधित है, जिससे अमेरिका में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। एशिया से आने वाले आयातित सामानों की सप्लाई चेन में रुकावट भी एक बड़ी चिंता है। इसी अनिश्चितता के कारण फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। यदि युद्ध लंबा खिंचता है, तो आगामी तिमाहियों में अमेरिकी जीडीपी पर इसके नकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।
2025 की अंतिम तिमाही के मुकाबले मार्च 2026 की तिमाही में अमेरिकी जीडीपी में कितना सुधार हुआ है?
मार्च 2026 की तिमाही में अमेरिकी जीडीपी 2% की दर से बढ़ी है, जबकि 2025 की आखिरी तिमाही में यह दर केवल 0.5% थी। यानी आर्थिक विकास की रफ्तार में 1.5% का सुधार देखा गया है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था में ‘बिजनेस इन्वेस्टमेंट’ बढ़ने का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
बिजनेस इन्वेस्टमेंट में 8.7% की तेजी आने का मुख्य कारण तकनीकी क्षेत्र, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में कंपनियों द्वारा किया जा रहा भारी निवेश है।
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