निवेशकों को बड़ा झटका लगा
नई दिल्ली: गुरुवार को निवेशकों के लिए दिन काफी मुश्किल भरा रहा, जब शेयर बाजार के साथ-साथ क्रिप्टो मार्केट में भी जबरदस्त गिरावट देखी गई। दुनिया भर में ट्रेड हो रही प्रमुख डिजिटल करेंसी बिटकॉइन(Bitcoin) समेत कई टोकन लाल निशान में आ गए। भारत(India) समेत वैश्विक बाजारों में घबराहट का माहौल रहा। 24 घंटे के भीतर क्रिप्टो का कुल मार्केट कैप दो प्रतिशत से अधिक गिरकर 3.09 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ।
बुधवार शाम 4:30 बजे ग्लोबल मार्केट कैप 3.16 ट्रिलियन डॉलर था, जो गुरुवार शाम तक घटकर 3.09 ट्रिलियन डॉलर रह गया। अमेरिका(USA) में ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं का असर भी बाजार पर पड़ा। इस गिरावट से निवेशकों के करीब 6.30 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। बिटकॉइन की कीमत भी एक बार फिर 90 हजार डॉलर से नीचे फिसल गई।
बिटकॉइन की कीमत में उतार-चढ़ाव
24 घंटे के भीतर बिटकॉइन की कीमत में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के चलते यह फिर से 90 हजार डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गई। कई दिनों बाद बिटकॉइन ने हाल ही में यह आंकड़ा पार किया था, जिससे बाजार में सकारात्मक संकेत मिला था।
हालांकि गिरावट के बाद इसमें कुछ सुधार देखने को मिला और बिटकॉइन फिर से 90 हजार डॉलर के पार पहुंच गई। इसके बावजूद निवेशकों के बीच सतर्कता बनी रही। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार और भी अस्थिर रह सकता है।
अन्य प्रमुख क्रिप्टो में भी दबाव
सिर्फ बिटकॉइन ही नहीं, बल्कि दूसरी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। इथेरियम करीब तीन प्रतिशत टूटकर 3110 डॉलर पर कारोबार करता दिखा। रिपल में सात प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा।
इसके अलावा बाइनेंस कॉइन करीब तीन प्रतिशत, सोलाना दो प्रतिशत से अधिक, डॉगकॉइन पांच प्रतिशत और कार्डानो छह प्रतिशत से ज्यादा टूट गई। इस सामूहिक गिरावट से बाजार में डर का माहौल बन गया और कई निवेशकों ने जल्दबाजी में बिकवाली शुरू कर दी।
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गिरावट के पीछे मुख्य वजह
विशेषज्ञों के अनुसार क्रिप्टो मार्केट में आई इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण मुनाफावसूली है। लंबे समय से तेजी के बाद निवेशकों ने अपने लाभ सुरक्षित करने के लिए बिकवाली की, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा।
वजीरएक्स के फाउंडर निश्चल शेट्टी का कहना है कि पिछले 24 घंटों में बाजार ठहराव के दौर से गुजर रहा है। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के चलते जोखिम लेने की प्रवृत्ति कम हुई है, जिसका सीधा असर डिजिटल एसेट्स पर पड़ा है।
हालिया क्रैश से निवेशकों को कितना नुकसान हुआ
24 घंटे के भीतर क्रिप्टो बाजार से करीब 6.30 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू खत्म हो गई। इससे छोटे और बड़े दोनों तरह के निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। बाजार में अस्थिरता के कारण कई लोगों ने जल्दबाजी में बिकवाली की।
आगे बाजार की दिशा क्या हो सकती है
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को सतर्क रहकर ही फैसले लेने चाहिए। मजबूत कॉइन में सीमित निवेश और जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी रहेगा।
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