बिटकॉइन और ऑल्टकॉइन में जोरदार तेजी
नई दिल्ली: वैश्विक घटनाक्रमों का असर अब क्रिप्टो बाजार पर साफ दिखने लगा है। वेनेजुएला(Venezuela) से जुड़े हालिया घटनाक्रम के बीच दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन(Bitcoin) ने एक बार फिर मजबूती दिखाई है। मंगलवार को बिटकॉइन 94,000 डॉलर के पार पहुंच गया, जिससे निवेशकों में उत्साह देखने को मिला। करीब एक महीने बाद इस स्तर तक पहुंचना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
मंगलवार को ज्यादातर प्रमुख डिजिटल मुद्राओं में तेजी बनी रही। दोपहर के कारोबार में बिटकॉइन थोड़ी गिरावट के साथ 93,504 डॉलर पर आ गया, हालांकि कुल मिलाकर रुझान मजबूत रहा। इसी दौरान इथेरियम, रिपल और सोलाना(Solana) जैसी क्रिप्टोकरेंसी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।
प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में बढ़त
पिछले 24 घंटों में बिटकॉइन(Bitcoin) में एक प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इथेरियम में लगभग दो प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली, जबकि रिपल करीब दस प्रतिशत तक चढ़ गया। सोलाना ने भी दो प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज कर निवेशकों का ध्यान खींचा।
हालांकि सभी क्रिप्टो में एकतरफा तेजी नहीं रही। हाल ही में सात दिनों में करीब 50 प्रतिशत रिटर्न देने वाली क्रिप्टो कैंटन में बड़ी गिरावट देखी गई और यह 24 घंटों में चार प्रतिशत से ज्यादा टूट गई। इसके बावजूद कुल क्रिप्टो मार्केट कैप में डेढ़ प्रतिशत से अधिक की बढ़त हुई और यह 3.20 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
तेजी के पीछे वैश्विक संकेत
डेल्टा एक्सचेंज की रिसर्च एनालिस्ट रिया सहगल के अनुसार इस उछाल के पीछे साल की शुरुआत में निवेशकों की पोजीशनिंग और अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई के बाद बनी उम्मीदें अहम भूमिका निभा रही हैं। बाजार को संकेत मिल रहा है कि इससे वैश्विक ऊर्जा लागत में नरमी आ सकती है, जिसका सीधा फायदा बिटकॉइन माइनिंग की अर्थव्यवस्था को मिल सकता है।
इसके अलावा विश्लेषकों का मानना है कि संस्थागत निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और नियामकीय ढांचे में हो रहे सुधारों से क्रिप्टो बाजार को समर्थन मिल रहा है। जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ने के कारण जनवरी के मध्य तक डिजिटल एसेट्स में और मजबूती की संभावना जताई जा रही है।
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साप्ताहिक प्रदर्शन ने बढ़ाया भरोसा
पिछले एक सप्ताह के आंकड़े भी बाजार की मजबूती की कहानी कहते हैं। इस दौरान बिटकॉइन में छह प्रतिशत से अधिक, इथेरियम में आठ प्रतिशत से ज्यादा और रिपल में 25 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। बाइनेंस कॉइन करीब सात प्रतिशत और सोलाना 11 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है।
डॉगकॉइन में भी 20 प्रतिशत से अधिक का उछाल देखने को मिला है। कुछ छोटे टोकन ने तो निवेशकों को चौंका दिया है। कॉइनमार्केटकैप के अनुसार पेपे कॉइन, रेंडर, बोंक और वर्चुअल्स प्रोटोकॉल जैसी क्रिप्टो में 50 से 80 प्रतिशत तक की तेजी आई है, जिससे सट्टा रुचि भी बढ़ी है।
क्रिप्टो बाजार में मौजूदा उछाल के प्रमुख कारण क्या हैं
वैश्विक राजनीतिक घटनाओं से ऊर्जा लागत में संभावित कमी की उम्मीद बनी है। संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ी है और बाजार में जोखिम लेने की प्रवृत्ति मजबूत हुई है। नियामकीय स्पष्टता से निवेशकों का भरोसा भी बढ़ रहा है।
निवेशकों के लिए आगे की रणनीति कैसी हो सकती है
विशेषज्ञ सतर्क आशावाद की सलाह दे रहे हैं। मजबूत क्रिप्टो में सीमित निवेश और मुनाफावसूली पर ध्यान देना जरूरी माना जा रहा है। अचानक उतार-चढ़ाव की संभावना को देखते हुए जोखिम प्रबंधन अहम रहेगा।
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