गिनाईं विकास की योजनाएं
नई दिल्ली: संसद में बजट(Budget) पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष, विशेषकर टीएमसी के आरोपों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुनियादी जरूरतों जैसे दूध, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर 0% GST है। वित्त मंत्री ने पश्चिम बंगाल सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि यदि उन्हें जनता की चिंता है, तो कोलकाता में पेट्रोल दिल्ली से ₹10-11 महंगा क्यों है? उन्होंने राज्यों को वैट (VAT) कम करने की सलाह दी ताकि आम आदमी को महंगाई से सीधी राहत मिल सके।
भ्रामक दावों का खंडन: ‘अंतिम संस्कार’ पर कोई टैक्स नहीं
वित्त मंत्री ने उन खबरों और दावों को पूरी तरह आधारहीन बताया जिनमें कहा गया था कि मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार की सेवाओं पर GST लगता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्यूनरल सर्विसेज पर कभी कोई टैक्स नहीं था और जनता(Budget) को गुमराह करने के लिए गलत डेटा पेश किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने राज्यों को उनके हिस्से का 41% टैक्स फंड पूरी पारदर्शिता के साथ ट्रांसफर करने की बात दोहराई और बताया कि अगले साल राज्यों को कुल ₹25.44 लाख करोड़ दिए जाएंगे।
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भविष्य की योजनाएं: रोजगार और आधुनिक कृषि पर जोर
सरकार ने अगले 25 वर्षों की नींव रखने के लिए कई दूरगामी कदम उठाए हैं। युवाओं के लिए 20 ‘आइकॉनिक टूरिज्म सेंटर्स’ में 10,000 गाइड्स की ट्रेनिंग और ग्रामीण इलाकों में 20,000 वेटनरी प्रोफेशनल्स के लिए रोजगार(Budget) के अवसर पैदा किए जाएंगे। कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव के लिए ‘एग्री स्टैक’ पोर्टल का इस्तेमाल होगा, जिसमें AI के जरिए किसानों को उनकी जमीन और मिट्टी के स्वास्थ्य की सटीक जानकारी मिलेगी। यह बजट भारत को 2070 तक ‘नेट जीरो’ लक्ष्य की ओर ले जाने और अत्याधुनिक तकनीक में निवेश करने पर केंद्रित है।
पश्चिम बंगाल में पेट्रोल की कीमतें अन्य राज्यों की तुलना में अधिक क्यों हैं?
वित्त मंत्री के अनुसार, केंद्र द्वारा करों में कटौती के बावजूद पश्चिम बंगाल(Budget) सरकार पेट्रोल-डीजल पर 25% वैट (VAT) वसूल रही है। राज्यों द्वारा वैट की दरें कम न करने के कारण वहां पेट्रोल की कीमतें दिल्ली जैसे शहरों से ₹10-11 अधिक बनी हुई हैं।
कृषि क्षेत्र को डिजिटल बनाने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने ‘एग्री स्टैक’ नामक पोर्टल तैयार किया है। इसमें किसानों की जमीन, फसल और मिट्टी की सेहत का डिजिटल रिकॉर्ड (AI आधारित) होगा। इससे किसानों को सही उर्वरक और उन्नत बीजों की जानकारी मिलेगी, जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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