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Gold Silver: सोना और चांदी: रिकॉर्ड तोड़ बढ़त और भविष्य की राह

Dhanarekha
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Gold Silver: सोना और चांदी: रिकॉर्ड तोड़ बढ़त और भविष्य की राह

चांदी का ऐतिहासिक उछाल और औद्योगिक मांग

नई दिल्ली: चांदी ने आज 2.45 लाख रुपए प्रति किलो का अपना ऑल-टाइम हाई स्तर छू लिया है। पिछले एक साल (2025) में चांदी(Gold Silver) की कीमत में 167% की भारी वृद्धि देखी गई है, जिसका मुख्य कारण केवल गहनों की मांग नहीं, बल्कि इसकी बढ़ती औद्योगिक उपयोगिता है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल सप्लाई में कमी और भविष्य के टैरिफ के डर से कंपनियां भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे कीमतें ₹2.75 लाख तक जा सकती हैं

सोने की चमक बरकरार: सुरक्षित निवेश का सहारा

सोना भी अपने उच्चतम स्तर के करीब बना हुआ है और फिलहाल ₹1.37 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। सोने(Gold Silver) की इस तेजी के पीछे वैश्विक अस्थिरता और केंद्रीय बैंकों की रणनीति है। रूस-यूक्रेन युद्ध और अन्य जियोपॉलिटिकल तनाव(Geopolitical tensions) के कारण निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित एसेट मान रहे हैं। साथ ही, चीन जैसे देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की आक्रामक खरीदारी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतों को मजबूती दी है।

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कीमतों में वृद्धि के भविष्य का अनुमान

Gold Silver

बाजार जानकारों के अनुसार, कीमतों में यह बढ़त अभी रुकने वाली नहीं है। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती और डॉलर के कमजोर होने से सोने-चांदी(Gold Silver) में निवेश बढ़ना तय है। केडिया एडवाइजरी के मुताबिक, इस साल के अंत तक सोना 1.50 लाख रुपए का आंकड़ा पार कर सकता है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है, क्योंकि आपूर्ति में कमी और बढ़ती मांग के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

2025 में सोने और चांदी की कीमतों में कितने प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई?

वर्ष 2025 में सोने(Gold Silver) की कीमतों में 75% की वृद्धि हुई, जबकि चांदी की कीमतों में 167% का जबरदस्त उछाल देखा गया। चांदी की कीमत एक साल में ₹86,017 से बढ़कर ₹2,30,420 तक पहुंच गई।

चांदी की कीमतों में इतनी रिकॉर्ड तोड़ तेजी आने का सबसे बड़ा कारण क्या है?

चांदी की तेजी का सबसे बड़ा कारण इसकी इंडस्ट्रियल डिमांड है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में चांदी का कच्चे माल के रूप में भारी इस्तेमाल हो रहा है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर सप्लाई में कमी और भविष्य के व्यापारिक प्रतिबंधों के डर से मैन्युफैक्चरर्स द्वारा की जा रही एडवांस खरीदारी भी कीमतों को बढ़ा रही है।

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