निवेश और बाजार के बदलते समीकरण
नई दिल्ली: लगातार पांच दिनों तक आसमान छूने(Gold) के बाद मंगलवार को कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹2,119 गिरकर ₹1,34,362 प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। वहीं, चांदी में और भी बड़ी गिरावट देखी गई, जहां इसकी कीमत ₹3,973 कम होकर ₹2,31,467 प्रति किलोग्राम रह गई है। गौरतलब है कि कल चांदी ₹2.43 लाख के रिकॉर्ड स्तर को छूने के बाद नीचे आई थी।
सालाना प्रदर्शन: 2024 के मुकाबले भारी उछाल
अगर साल 2025 के सफर पर नजर डालें, तो सोने(Gold) और चांदी ने निवेशकों(Investors) को हैरान करने वाला रिटर्न दिया है। इस साल अब तक सोना 76% महंगा हुआ है, जो पिछले साल के अंत में ₹76,162 पर था। वहीं चांदी ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 169% की भारी बढ़त हासिल की है; पिछले साल ₹86,017 पर बिकने वाली चांदी अब ₹2.31 लाख के पार पहुंच चुकी है। इस तेजी के पीछे कमजोर डॉलर, वैश्विक तनाव (रूस-यूक्रेन युद्ध) और केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही भारी खरीदारी मुख्य कारण हैं।
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भविष्य का अनुमान: क्या अभी और बढ़ेंगे दाम?
बाजार विशेषज्ञों और केडिया एडवाइजरी का मानना है कि वर्तमान गिरावट केवल एक अस्थायी सुधार हो सकती है। औद्योगिक मांग, विशेषकर सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में चांदी के बढ़ते इस्तेमाल के कारण इसकी कीमत अगले एक साल में ₹2.75 लाख तक जा सकती है। इसी तरह, सोने की मांग में निरंतर मजबूती को देखते हुए इसके अगले साल(Gold) तक ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा पार करने की संभावना जताई जा रही है।
इस साल सोने और चांदी की कीमतों में इतनी भारी बढ़ोतरी (76% और 169%) होने के मुख्य कारण क्या हैं?
सोने(Gold) और चांदी में इस रिकॉर्ड तोड़ तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। सोने की कीमतों में उछाल का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर का कमजोर होना, रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे भू-राजनीतिक तनाव और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों (जैसे चीन) द्वारा सोने की भारी खरीदारी है। वहीं, चांदी की कीमतों में भारी वृद्धि की वजह इसकी बढ़ती औद्योगिक मांग है, विशेषकर सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में इसके बढ़ते उपयोग के कारण इसे अब एक अनिवार्य कच्चे माल के रूप में देखा जा रहा है।
क्या भविष्य में सोने-चांदी के दाम और बढ़ने की संभावना है? विशेषज्ञों का क्या अनुमान है?
हाँ, विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं। केडिया एडवाइजरी के अनुमान के मुताबिक, औद्योगिक मांग में निरंतरता के कारण चांदी अगले एक साल में ₹2.75 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है। इसी तरह, सोने की मजबूत मांग को देखते हुए इसके भी अगले साल तक ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार करने की संभावना जताई गई है।
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