निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका?
नई दिल्ली: इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में आज भारी गिरावट देखी गई है। चांदी(Gold) अपने ऑल-टाइम हाई ₹2.48 लाख से करीब ₹12 हजार गिरकर ₹2.36 लाख प्रति किलो पर आ गई है, जबकि सोना भी ₹1,232 सस्ता होकर ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। जानकारों का मानना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से ‘प्रॉफिट बुकिंग’ के कारण है, क्योंकि कीमतों में लगातार उछाल के बाद निवेशक अपना मुनाफा वसूल रहे हैं।
लंबी अवधि में तेजी के संकेत बरकरार
बाजार विशेषज्ञों, जैसे केडिया एडवाइजरी का मानना है कि यह गिरावट क्षणिक है और भविष्य में कीमतों में फिर से तेजी आएगी। अनुमान है कि चांदी इस साल ₹2.75 लाख तक पहुंच सकती है, वहीं सोना ₹1.50 लाख के आंकड़े को पार कर सकता है। गौरतलब है कि साल 2025 निवेशकों के लिए शानदार(Fabulous) रहा था, जिसमें सोने ने 75% और चांदी ने 167% का जबरदस्त रिटर्न दिया था। मांग में मजबूती को देखते हुए बुलियन मार्केट में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
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ETF: सुरक्षित और स्मार्ट निवेश का विकल्प
अगर आप सोने-चांदी(Gold) की फिजिकल सुरक्षा और मेकिंग चार्ज से बचना चाहते हैं, तो गोल्ड और सिल्वर ETF (Exchange-Traded Funds) एक बेहतरीन विकल्प हैं। इसे शेयर बाजार (BSE/NSE) से आसानी से खरीदा और बेचा जा सकता है। इसमें निवेश करने के कई फायदे हैं, जैसे स्टोरेज की समस्या का न होना, GST की बचत और छोटी राशि (SIP) से शुरुआत करने की सुविधा। यह डिजिटल निवेश आपके डीमैट अकाउंट में सुरक्षित रहता है और बाजार की शुद्धता के साथ चलता है।
सोने और चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट क्यों आई है?
कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण ‘प्रॉफिट बुकिंग’ है। जब कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई (ऑल-टाइम हाई) पर पहुंच जाती हैं, तो निवेशक अपने निवेश(Gold) को बेचकर मुनाफा कमाने लगते हैं, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ती है और कीमतें कुछ समय के लिए नीचे आ जाती हैं।
क्या अभी सोने-चांदी में निवेश करना सही है?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट लंबी नहीं चलेगी और साल के अंत तक सोने के ₹1.50 लाख और चांदी के ₹2.75 लाख तक जाने की संभावना है। ऐसे में गिरावट(Gold) के समय किया गया निवेश (जैसे ETF के जरिए) भविष्य में अच्छा रिटर्न दे सकता है।
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