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Gold: सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट

Dhanarekha
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Gold: सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट

निवेश और बाजार का पूरा हाल

नई दिल्ली: आज यानी 31 दिसंबर 2025 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने(Gold) और चांदी की कीमतों में गिरावट(Decline) दर्ज की गई है। 24 कैरेट सोने का भाव 1,500 रुपए गिरकर 1,33,099 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं, चांदी की कीमतों में भी भारी कमी(Severe Shortage) देखी गई है, जो 2,896 रुपए सस्ती होकर 2,29,433 रुपए प्रति किलो पर बिक रही है। पिछले कुछ दिनों की रिकॉर्ड तेजी के बाद, निवेशकों के लिए यह मुनाफावसूली और बाजार में स्थिरता का संकेत है

एक साल में ऐतिहासिक उछाल

अगर हम पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो सोने(Gold) और चांदी ने निवेशकों को हैरान करने वाला रिटर्न दिया है। दिसंबर 2024 की तुलना में सोना(Gold) 75% महंगा हुआ है, जबकि चांदी ने 167% की जबरदस्त बढ़त हासिल की है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव (जियोपॉलिटिकल टेंशन), डॉलर की कमजोरी और चीन जैसे देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा भारी मात्रा में की जा रही खरीदारी इस तेजी के मुख्य कारण रहे हैं।

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भविष्य का अनुमान और औद्योगिक मांग

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग, विशेषकर सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में इसके उपयोग के कारण, इसकी कीमतें आने वाले एक साल में 2.75 लाख रुपए तक जा सकती हैं। वहीं, सोने(Gold) के भी अगले साल 1.50 लाख रुपए के पार जाने की संभावना जताई जा रही है। चांदी अब केवल आभूषण तक सीमित न रहकर एक महत्वपूर्ण कच्चा माल बन चुकी है, जिससे इसकी मांग लगातार बनी रहेगी।

अलग-अलग शहरों में सोने और चांदी के रेट्स अलग क्यों होते हैं?

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी रेट्स में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का अपना मुनाफा शामिल नहीं होता है। हर शहर में स्थानीय टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन के खर्चे अलग होते हैं, इसी वजह से शहरों के अंतिम रेट्स में अंतर दिखाई देता है।

चांदी की कीमतों में इतनी भारी तेजी आने का सबसे बड़ा कारण क्या है?

चांदी की तेजी का सबसे बड़ा कारण इसकी इंडस्ट्रियल डिमांड है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV सेक्टर में चांदी का भारी इस्तेमाल हो रहा है। इसके अलावा, ग्लोबल सप्लाई चेन में आने वाली दिक्कतों के डर से कंपनियां पहले से ही भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं।

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