తెలుగు | Epaper

Gold: सोना ₹1.60 लाख के पार

Dhanarekha
Dhanarekha
Gold: सोना ₹1.60 लाख के पार

सुरक्षित निवेश की चमक और मिडिल ईस्ट संकट का असर

नई दिल्ली: लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद 9 मार्च को सराफा बाजार में सोने(Gold) और चांदी की कीमतों में जबरदस्त वापसी देखी गई। 24 कैरेट सोना ₹817 की बढ़त के साथ ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि चांदी ₹2,080 महंगी होकर ₹2.63 लाख प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। गौरतलब है कि इस साल अब तक सोने की कीमतों में ₹26,000 से अधिक और चांदी में ₹32,000 से ज्यादा का इजाफा हो चुका है, जो वैश्विक अस्थिरता(Global Instability) के बीच धातुओं की बढ़ती मांग को दर्शाता है

तेजी के पीछे के मुख्य कारण

कीमतों में इस उछाल का सबसे बड़ा कारण मिडिल ईस्ट(Middle East) में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। जब भी युद्ध जैसी स्थिति बनती है, निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों से पैसा निकालकर सोने में निवेश करते हैं, जिसे ‘सेफ हेवन’ माना जाता है। इसके अलावा, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पैदा होने वाली महंगाई से बचने के लिए भी सोने(Gold) को एक मजबूत ढाल (इन्फ्लेशन हेज) के रूप में देखा जा रहा है। वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही भारी खरीदारी भी कीमतों को समर्थन दे रही है।

अन्य पढ़े: Global Market Crash: ग्लोबल मार्केट क्रैश

भविष्य का अनुमान और विशेषज्ञों की राय

इन्वेस्टमेंट बैंकिंग दिग्गज UBS के अनुसार, सोने की यह दौड़ अभी रुकने वाली नहीं है। अनुमान है कि 2026 के मध्य तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना(Gold) 6,200 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकता है, जिसका भारतीय बाजार में सीधा असर दिखेगा और कीमतें ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम तक जा सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गोल्ड ETF में बढ़ता निवेश और केंद्रीय बैंकों की 950 टन तक की संभावित खरीदारी सोने को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

अलग-अलग शहरों में सोने के भाव में अंतर क्यों होता है?

इसके कई कारण हैं, जिनमें प्रमुख रूप से ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा का खर्च, स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन द्वारा तय किए गए रेट, और शहर में होने वाली सोने की खपत (जैसे दक्षिण भारत में अधिक खरीदारी पर मिलने वाली छूट) शामिल हैं।

घर पर असली चांदी की पहचान कैसे की जा सकती है?

असली चांदी की पहचान के लिए ‘आइस टेस्ट’ सबसे प्रभावी है, जिसमें बर्फ रखने पर वह तेजी से पिघलती है। इसके अलावा असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती (मैग्नेट टेस्ट) और सफेद कपड़े से रगड़ने पर उस पर काला निशान छोड़ती है।

अन्य पढ़े:

📢 For Advertisement Booking: 98481 12870