Gold: सोने की कीमतों में तेजी से हलचल

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निवेशकों के लिए बना बड़ा सवाल

नई दिल्ली: सोना(Gold) लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर इसकी कीमत 1.09 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर चली गई है, जबकि दिल्ली(Delhi) के सर्राफा बाजार में 1.12 लाख रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में भी इसमें तेजी बनी रह सकती है। ऐसे में निवेशक यह सोच रहे हैं कि खरीदारी का समय अभी है या इंतजार करना बेहतर होगा

वैश्विक कारणों से बढ़ रही चमक

पिछले दिनों स्पॉट मार्केट में सोने(Gold) ने 3,650 डॉलर प्रति औंस का स्तर छू लिया, जो अब तक का सबसे ऊंचा है। बाजार को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व(Federal Reserve) सितंबर की मीटिंग में ब्याज दर घटा सकता है, क्योंकि अमेरिका के लेबर मार्केट के आंकड़े कमजोर आए हैं।

इसके साथ ही नॉनफार्म पेरोल्सरिपोर्ट ने बेरोजगारी बढ़ने का संकेत दिया है। जापान और फ्रांस में राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक तनाव ने भी सोने की मांग को बढ़ाया है। यही कारण है कि कीमतों में गिरावट फिलहाल दिखाई नहीं दे रही है।

केंद्रीय बैंकों की खरीद और बाजार की नजरें

चीन का सेंट्रल बैंक, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना लगातार दसवें महीने भी सोना(Gold) खरीदता रहा है। हालांकि, ऊंची कीमतों के चलते उसने हाल में खरीदारी की रफ्तार कुछ धीमी की है।

अब निवेशकों की निगाहें अमेरिका के प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर टिकी हैं। इन आंकड़ों से तय होगा कि डॉलर मजबूत होगा या कमजोर। डॉलर मजबूत होने पर सोने की कीमतों में गिरावट आ सकती है, जबकि आंकड़े कमजोर होने पर सोना और महंगा हो सकता है।

आगे कितनी और बढ़ सकती है कीमत?

पिछले कुछ हफ्तों में सोना लगातार ऊपर गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि स्पॉट मार्केट में यह 3,720 से 3,750 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। वहीं MCX पर 1,12,000 से 1,12,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की संभावना है।

तकनीकी चार्ट बताते हैं कि सोने का RSI 70 से ऊपर है। ऐसे में जल्दबाजी में खरीदने की बजाय थोड़ी गिरावट का इंतजार करना सही रहेगा। अगर कीमतें 3,600 से 3,540 डॉलर प्रति औंस तक आती हैं, तो निवेशकों को खरीदारी का अच्छा अवसर मिल सकता है।

क्या अभी सोना खरीदना फायदेमंद रहेगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्तर पर सोना महंगा है। थोड़ी गिरावट का इंतजार करने से बेहतर एंट्री पॉइंट मिल सकता है, जिससे निवेशकों को लंबी अवधि में ज्यादा लाभ हो सकता है।

आने वाले महीनों में सोने की दिशा कैसी रहेगी?

अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और वैश्विक तनाव कीमतों को प्रभावित करेंगे। अगर डॉलर कमजोर होता है और ब्याज दरें घटती हैं, तो सोना और ऊपर जा सकता है। हालांकि, स्थिरता आने पर इसकी चमक थोड़ी कम भी हो सकती है।

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Dhanarekha

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