युद्ध के बीच निवेशकों का ‘कैश’ पर भरोसा
नई दिल्ली: वैश्विक उथल-पुथल और ईरान-इजराइल युद्ध के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 दिनों के भीतर सोना लगभग ₹24,000 और चांदी ₹65,000 तक सस्ती हो चुकी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना अब ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जबकि चांदी की कीमत गिरकर ₹2.01 लाख प्रति किलो रह गई है। यह गिरावट निवेशकों के लिए चौंकाने वाली है क्योंकि आमतौर(Usually) पर युद्ध की स्थिति में कीमती धातुओं के दाम बढ़ते हैं।
गिरावट के पीछे के मुख्य कारण
इस बार बाजार का ट्रेंड पारंपरिक धारणा के विपरीत दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनिश्चितता के माहौल में निवेशक ‘लिक्विडिटी’ यानी नकद पैसा पास रखने को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसके कारण वे बड़े पैमाने पर अपना सोना-चांदी बेच रहे हैं। इसके अलावा, जनवरी में जब कीमतें अपने उच्चतम स्तर (सोना ₹1.76 लाख और चांदी ₹3.86 लाख) पर थीं, तब बड़े खिलाड़ियों ने ‘प्रॉफिट बुकिंग’ शुरू कर दी थी। अमेरिका में फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और ब्याज दरों में बदलाव की संभावनाओं ने भी इन धातुओं की चमक कम कर दी है।
अन्य पढ़े: सेंसेक्स में 1800 अंक की गिरावट
खरीददारों और निवेशकों के लिए सलाह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का यह दौर अभी कुछ समय और जारी रह सकता है, इसलिए नए निवेश के लिए फिलहाल इंतजार करना बेहतर हो सकता है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे खरीदारी करते समय हमेशा BIS हॉलमार्क और सर्टिफिकेशन की जांच करें। साथ ही, असली चांदी की पहचान के लिए मैग्नेट टेस्ट या आइस टेस्ट जैसे घरेलू तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। अलग-अलग शहरों में कीमतों का अंतर ट्रांसपोर्टेशन खर्च और स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन के निर्णयों पर निर्भर करता है।
युद्ध की स्थिति होने के बावजूद इस बार सोने-चांदी की कीमतें बढ़ने के बजाय गिर क्यों रही हैं?
आमतौर पर युद्ध में कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार निवेशक भविष्य की अनिश्चितता को देखते हुए कीमती धातुओं को बेचकर ‘कैश’ (नकद) इकट्ठा कर रहे हैं। इसके साथ ही, ऊंचे स्तरों पर हुई ‘प्रॉफिट बुकिंग’ और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों के कारण बाजार में सप्लाई बढ़ गई है, जिससे कीमतें नीचे आ गई हैं।
सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता सुनिश्चित करने का सबसे सटीक तरीका क्या है?
सोना खरीदते समय सबसे जरूरी है उस पर BIS हॉलमार्क देखना। इसमें एक अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे AZ4524) होता है जिससे सोने की शुद्धता (कैरेट) का पता चलता है। इसके अलावा, खरीदारी के दिन की आधिकारिक कीमत को IBJA जैसी विश्वसनीय वेबसाइट से क्रॉस-चेक करना चाहिए।
अन्य पढ़े: