नई दिल्ली,। एआई इम्पेक्ट समिट-2026 में भारत को विदेशी कंपनियों से बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इसमें (Google) Microsoft, (Nvidia) और (Qualcomm) जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। समिट में कंपनियों ने घोषणा की है कि वे भारत में डेटा सेंटर्स और नए एआई मॉडल विकसित करेंगी। बुधवार को गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने पीएम मोदी से मुलाकात कर बताया कि कंपनी अगले पांच साल में भारत में करीब 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी। समिट में गूगल डीपमाइंड के प्रमुख डेमिस हासाबिस भी मौजूद रहे।
भारत में बनेगा मेगा एआई हब
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गूगल का निवेश देश के पहले बड़े एआई हब की नींव रखेगा। प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा हिस्सा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बनने वाला मेगा एआई डेटा सेंटर है। यह केंद्र एआई मॉडल ट्रेनिंग, क्लाउड सर्विस और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग का हब बनेगा।
माइक्रोसॉफ्ट और अन्य कंपनियों का बड़ा ऐलान
समिट के दौरान माइक्रोसॉफ्ट ने घोषणा की कि वह ग्लोबल साउथ में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी। यह निवेश अगले चार वर्षों में किया जाएगा। इससे पहले कंपनी भारत में 17.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर निवेश की घोषणा कर चुकी है।
वहीं, योट्टा डेटा सर्विसेज ने एनवीडिया के लेटेस्ट चिप्स के डेवलपमेंट के लिए 2 अरब डॉलर से अधिक निवेश की योजना बनाई है। इसके तहत एक अत्याधुनिक एआई कंप्यूटिंग हब तैयार किया जाएगा। कंपनी अपने विस्तार के लिए करीब 1.2 अरब डॉलर अतिरिक्त निवेश जुटाने की तैयारी में है।
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भारतीय स्टार्टअप ने भी मारी बाजी
भारतीय स्टार्टअप नेक्सा एआई ने 1.2 बिलियन डॉलर (करीब 10,000 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटाकर सभी का ध्यान आकर्षित किया है। इसमें ग्लोबल निवेशक ब्लैकस्टोन ने भी भागीदारी की है। नेक्सा एआई एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है, जो चैटबॉट या कंज्यूमर ऐप नहीं बल्कि एआई के लिए टेक्निकल स्ट्रक्चर तैयार करती है। एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के दौरान दुनिया भर की टेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों की मौजूदगी ने भारत को एआई क्षेत्र में उभरते ग्लोबल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूत संकेत दिए हैं।
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