पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका की बढ़ती मुश्किलें
नई दिल्ली: भारत के तीन प्रमुख पड़ोसी देश—पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका—वर्तमान में IMF के भारी कर्ज के नीचे दबे हुए हैं। पाकिस्तान इस सूची में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कर्जदार देश है, जिस पर 7.41 अरब डॉलर का बकाया है। वहीं, बांग्लादेश(Bangladesh) ने 2.88 अरब डॉलर और श्रीलंका(SriLanka) ने 1.77 अरब डॉलर का कर्ज ले रखा है। श्रीलंका में आए भीषण आर्थिक संकट के बाद उसे यह वित्तीय सहायता लेनी पड़ी थी। दुनिया में सबसे ज्यादा कर्ज अर्जेंटीना (41.78 अरब डॉलर) और युद्धग्रस्त यूक्रेन (10.2 अरब डॉलर) पर है।
IMF की भूमिका और कर्ज देने की प्रक्रिया
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की स्थापना 1944 में हुई थी और आज इसके 191 सदस्य देश हैं। यह संस्था सदस्य देशों को वित्तीय अस्थिरता से उबारने के लिए लोन देती है। लोन देने की प्रक्रिया तब शुरू होती है जब कोई देश आवेदन करता है, जिसके बाद IMF के अधिकारी उस देश की आर्थिक स्थिति और फंडिंग की जरूरतों पर चर्चा करते हैं। IMF अक्सर ‘कड़ी शर्तों’ के साथ लोन देता है, जिसमें टैक्स बढ़ाना या सरकारी खर्चों में कटौती शामिल होती है, ताकि वह देश भविष्य में कर्ज चुकाने के काबिल बन सके।
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भारत बनाम पाकिस्तान: आर्थिक आत्मनिर्भरता का अंतर
जहाँ पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए बार-बार IMF का दरवाजा खटखटाता रहा है, वहीं भारत ने 1993 के बाद से कभी भी IMF से लोन नहीं लिया है। भारत ने अपनी विदेशी मुद्रा भंडार और आर्थिक नीतियों को इतना मजबूत किया है कि उसे आपातकालीन फंडिंग की जरूरत नहीं पड़ी। दूसरी ओर, अफ्रीकी देश जैसे घाना, अंगोला और केन्या भी IMF के टॉप 10 कर्जदारों की लिस्ट में शामिल हैं, जो वैश्विक स्तर पर उभरती हुई आर्थिक चुनौतियों को दर्शाता है।
दुनिया में IMF का सबसे बड़ा कर्जदार देश कौन सा है?
दुनिया में IMF का सबसे बड़ा कर्जदार देश अर्जेंटीना है, जिस पर लगभग 41.78 अरब डॉलर का कर्ज है। इसके बाद यूक्रेन (10.2 अरब डॉलर) दूसरे स्थान पर आता है।
क्या IMF कम आय वाले देशों को भी लोन देता है?
हाँ, IMF कम आय वाले गरीब देशों को उनकी जरूरतों और परिस्थितियों के हिसाब से शून्य ब्याज दर पर भी लोन प्रदान करता है ताकि वे अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर कर सकें।
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