अमेरिकी कार्रवाई से कच्चा तेल ठप
नई दिल्ली: रूस के बाद अब अमेरिका(United States) ने वेनेजुएला(Venezuela) के तेल निर्यात पर भी कड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में एक तेल(Oil Export) टैंकर की जब्ती और शिपिंग कंपनियों पर नए प्रतिबंधों के बाद वेनेजुएला से कच्चे तेल की सप्लाई लगभग रुक गई है। इससे वैश्विक तेल बाजार में हलचल बढ़ी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भारत पर इसका सीधा असर सीमित रहेगा।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला के समुद्री इलाकों में तेल टैंकरों की आवाजाही लगभग थम चुकी है। अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि राष्ट्रपति निकोलस मदुरो पर दबाव बढ़ाने के लिए आगे भी जहाज जब्त किए जा सकते हैं। यह कार्रवाई कैरिबियन सागर क्षेत्र में बढ़ती अमेरिकी सैन्य मौजूदगी के बीच हुई है।
टैंकर जब्ती से बढ़ा दबाव
अमेरिका द्वारा स्किपर टैंकर की जब्ती के बाद डर का माहौल बन गया है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि करीब 11 मिलियन बैरल तेल(Oil Export) और ईंधन से भरे कई टैंकर वेनेजुएला के पानी में ही फंसे हुए हैं। जहाज संचालकों को आशंका है कि आगे बढ़ने पर उनके टैंकर भी जब्त किए जा सकते हैं।
इस कार्रवाई के बाद केवल कुछ चुनिंदा टैंकर ही बंदरगाहों से निकल पाए हैं। इनमें वे जहाज शामिल हैं जिन्हें अमेरिकी तेल कंपनी शेवरॉन ने चार्टर किया है। शेवरॉन को वेनेजुएला में काम करने की विशेष अनुमति मिली हुई है और वह संयुक्त उपक्रमों के जरिए सीमित मात्रा में तेल निर्यात कर पा रही है।
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भारत की स्थिति और असर
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कई देशों से कच्चा तेल आयात करता है। रूस और वेनेजुएला दोनों ही भारत को अपेक्षाकृत सस्ता तेल(Oil Export) उपलब्ध कराते रहे हैं। हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद भारत ने रूस से तेल खरीद जारी रखी, जबकि वेनेजुएला से आयात धीरे-धीरे घटाया गया है।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में भारत ने वेनेजुएला से सीमित मात्रा में तेल खरीदा था। इसके अलावा हालिया नीतिगत बदलावों और अंतरराष्ट्रीय दबावों के चलते भारत ने इस स्रोत पर निर्भरता और कम कर दी है। इसलिए मौजूदा संकट का भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना कम मानी जा रही है।
अमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला को क्या नुकसान हुआ
तेल टैंकरों की जब्ती और शिपिंग कंपनियों पर पाबंदियों के कारण वेनेजुएला का तेल निर्यात लगभग ठप हो गया है। कई जहाज समुद्र में ही फंसे हैं। इससे देश की आय और विदेशी मुद्रा भंडार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर कितना खतरा है
भारत ने पहले ही वैकल्पिक स्रोतों से तेल खरीद बढ़ा दी है। वेनेजुएला से आयात घटने के बावजूद कुल आपूर्ति पर बड़ा असर नहीं दिखता। इसलिए निकट भविष्य में भारत की ऊर्जा सुरक्षा स्थिर रहने की उम्मीद है।
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