Pakistan: पाकिस्तान में ईंधन का महासंकट

Read Time:  1 min
Pakistan
Pakistan
FONT SIZE
GET APP

प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 200% का भारी उछाल

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल आपूर्ति बाधित होने के कारण पाकिस्तान(Pakistan) में ईंधन की कीमतों ने हाहाकार मचा दिया है। शहबाज शरीफ सरकार ने हाई-ऑक्टेन (प्रीमियम) ईंधन पर लेवी को तीन गुना बढ़ाते हुए 100 पाकिस्तानी रुपये से सीधे 300 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। इस फैसले से प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 200% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का तर्क है कि इस कदम से हर महीने लगभग 9 अरब रुपये की बचत होगी, जिसका उपयोग आम जनता को राहत देने के लिए किया जाएगा

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का तर्क और स्पष्टीकरण

कीमतों में इस बेतहाशा वृद्धि पर सफाई देते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि इस बोझ का सीधा असर केवल अमीर वर्ग पर पड़ेगा। उनके अनुसार, हाई-ऑक्टेन ईंधन(Fuel) का उपयोग मुख्य रूप से लग्जरी गाड़ियों में किया जाता है, इसलिए आम आदमी इससे प्रभावित(Pakistan) नहीं होगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि इस फैसले से सार्वजनिक परिवहन के किराए या हवाई यात्रा की दरों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, इस महीने की शुरुआत में ही साधारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी भारी इजाफा किया जा चुका है, जिससे महंगाई पहले ही चरम पर है।

अन्य पढ़े: सोने-चांदी में ऐतिहासिक गिरावट

पड़ोसी देशों और वैश्विक आपूर्ति पर असर

ईरान युद्ध और समुद्री रास्तों में तनाव के कारण केवल पाकिस्तान(Pakistan) ही नहीं, बल्कि श्रीलंका और भारत जैसे देश भी प्रभावित हुए हैं। श्रीलंका ने भी हाल ही में ईंधन की कीमतों में 25% की वृद्धि की है, जहाँ पेट्रोल अब 398 श्रीलंकन रुपये प्रति लीटर तक पहुँच गया है। भारत में भी प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन साधारण पेट्रोल-डीजल के दाम फिलहाल स्थिर हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल टैंकरों की सीमित आवाजाही ने पूरे दक्षिण एशिया में ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पाकिस्तान सरकार ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी क्यों की है?

मुख्य कारण पश्चिम एशिया संकट की वजह से तेल आपूर्ति में कमी और होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकरों की बाधित आवाजाही है। सरकार ने राजस्व बढ़ाने और करीब 9 अरब रुपये की मासिक बचत करने के उद्देश्य से हाई-ऑक्टेन ईंधन पर लेवी को 200% तक बढ़ा दिया है।

क्या इस बढ़ोतरी का असर पाकिस्तान के आम नागरिकों और सार्वजनिक परिवहन पर पड़ेगा?

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुसार, इसका असर आम जनता पर नहीं पड़ेगा क्योंकि प्रीमियम पेट्रोल का उपयोग केवल लग्जरी कारों में होता है। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि पहले से ही बढ़ी हुई साधारण ईंधन की कीमतों के कारण महंगाई का बोझ पूरी अर्थव्यवस्था पर बना हुआ है।

अन्य पढ़े:

Dhanarekha

लेखक परिचय

Dhanarekha

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।