Telangana : जाति जनगणना पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक – डॉ. वकुलाभरणम

Read Time:  1 min
डॉ. वकुलाभरणम
डॉ. वकुलाभरणम
FONT SIZE
GET APP

हैदराबाद। तेलंगाना बीसी आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वकुलाभरणम कृष्ण मोहन राव (Dr. Vakulabharanam Krishna Mohan Rao) ने जाति जनगणना के खिलाफ दायर जनहित याचिका को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने का स्वागत करते हुए इसे भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का ऐतिहासिक फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पिछड़ा वर्गों में इस याचिका के कारण जाति जनगणना प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न होने की आशंका और चिंता थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश से अब बड़ी राहत मिली है। डॉ. वकुलाभरणम कृष्ण मोहन राव ने कहा कि स्वतंत्र भारत (Independent India) के इतिहास में पहली बार वर्ष 2027 की सामान्य जनगणना के दूसरे चरण में जाति जनगणना कराने का निर्णय ऐतिहासिक कदम है।

“पिछड़े वर्गों की संख्या जानने में क्या गलत है?”

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि अब जाति जनगणना के मार्ग में कोई कानूनी बाधा शेष नहीं है। उन्होंने कहा कि सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों की वास्तविक जनसंख्या, उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति तथा प्रतिनिधित्व की जानकारी प्राप्त करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी कि “पिछड़े वर्गों की संख्या जानने में क्या गलत है?” भारतीय संविधान की मूल भावना को प्रतिबिंबित करती है। डॉ. वकुलाभरणम कृष्ण मोहन राव ने कहा कि जाति जनगणना समाज को विभाजित करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और समुचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।

पिछड़े वर्गों सहित सामाजिक रूप से वंचित समुदायों को वास्तविक न्याय दिलाने के लिए जाति जनगणना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जाति जनगणना में बाधा उत्पन्न करने वाली जनहित याचिका को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किया जाना सामाजिक न्याय की दिशा में देश द्वारा उठाया गया बड़ा कदम है। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए सुप्रीम कोर्ट के प्रति आभार व्यक्त किया।

जनगणना 2027 कब से शुरू होगी?

भारत में अगली जनगणना की आधिकारिक तारीख केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद तय की जाएगी। अभी तक 2027 में जनगणना शुरू होने की अंतिम तारीख को लेकर स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है। जनगणना प्रक्रिया में घर-घर सर्वे, जनसंख्या विवरण और सामाजिक-आर्थिक जानकारी एकत्र की जाती है। सरकार और संबंधित विभाग तैयारियों के अनुसार कार्यक्रम घोषित करते हैं। आधिकारिक सूचना जारी होने पर राज्यों और जिलों में कार्य शुरू किया जाता है।

जनगणना 2026 कब से शुरू होगी?

राष्ट्रीय स्तर पर जनगणना की शुरुआत केंद्र सरकार और भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा तय की जाती है। अभी तक 2026 के लिए विस्तृत कार्यक्रम और प्रारंभ तिथि की अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। प्रक्रिया शुरू होने से पहले कर्मचारियों का प्रशिक्षण और डेटा संग्रह की तैयारियां की जाती हैं। जनसंख्या, शिक्षा, भाषा और आवास से जुड़ी जानकारी इस सर्वेक्षण में शामिल रहती है।

जनगणना को इंग्लिश में क्या कहा जाता है?

अंग्रेजी भाषा में जनगणना को “Census” कहा जाता है। यह किसी देश की आबादी और उससे जुड़ी जानकारी एकत्र करने की सरकारी प्रक्रिया होती है। इसके माध्यम से जनसंख्या, शिक्षा, भाषा, रोजगार और आवास संबंधी आंकड़े तैयार किए जाते हैं। सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में इन आंकड़ों का महत्वपूर्ण उपयोग किया जाता है। अधिकांश देशों में यह प्रक्रिया निश्चित अंतराल पर आयोजित की जाती है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।