सुरक्षित निवेश के साथ 7.5% ब्याज और टैक्स बचत का मौका
नई दिल्ली: पोस्ट ऑफिस(Post Office) की नेशनल सेविंग्स टाइम डिपॉजिट स्कीम (POTD) उन निवेशकों के लिए एक शानदार विकल्प है जो बैंक FD जैसा सुरक्षित अनुभव चाहते हैं। सरकार ने चालू तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2026) के लिए इसकी ब्याज दरों को स्थिर रखा है। इसमें आप 1 साल से लेकर 5 साल तक की अवधि के लिए पैसा जमा कर सकते हैं, जिस पर आपको 6.9% से लेकर 7.5% तक सालाना ब्याज मिलता है। निवेश की शुरुआत मात्र ₹1,000 से की जा सकती है और अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं है, जो इसे हर वर्ग के लिए सुलभ बनाता है।
रूल ऑफ 72: समझें निवेश की ताकत
निवेशक अक्सर यह जानना चाहते हैं कि उनका पैसा कितने समय में दोगुना होगा। इसे समझने का सबसे आसान तरीका ‘रूल ऑफ 72’ है। यदि आप पोस्ट ऑफिस(Post Office) की 5 वर्षीय योजना में निवेश करते हैं, जहाँ 7.5% ब्याज मिलता है, तो आपका पैसा लगभग 9 साल 6 महीने में दोगुना हो जाएगा। यह नियम निवेश की प्लानिंग करने में बेहद मददगार साबित होता है क्योंकि यह आपको ब्याज दर के आधार पर सटीक समय सीमा की गणना करने की सुविधा देता है।
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टैक्स बेनिफिट और खाता खोलने की सुविधा
इस स्कीम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी टैक्स बचत क्षमता है। यदि आप 5 साल के लिए निवेश करते हैं, तो आपको इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत ₹1.50 लाख तक(Post Office) की छूट मिलती है (पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत)। इसके अलावा, खाता खोलने की प्रक्रिया भी बहुत सरल है। इसे कोई भी वयस्क अकेले (सिंगल अकाउंट) या तीन लोगों के साथ मिलकर (जॉइंट अकाउंट) खोल सकता है। यहाँ तक कि 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों के नाम पर भी यह खाता खोला और संचालित किया जा सकता है।
क्या पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में निवेश की कोई अधिकतम सीमा है?
नहीं, पोस्ट ऑफिस(Post Office) टाइम डिपॉजिट अकाउंट में निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। आप ₹1,000 के न्यूनतम निवेश के बाद अपनी इच्छाशक्ति और बजट के अनुसार कितनी भी राशि जमा कर सकते हैं।
क्या इस स्कीम में मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री होता है?
नहीं, मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री नहीं होता है। हालाँकि, 5 साल की अवधि वाले निवेश पर आपको धारा 80C के तहत निवेश की गई राशि पर टैक्स छूट मिलती है, लेकिन मैच्योरिटी पर मिलने वाला ब्याज आपकी वार्षिक आय में जुड़ता है और उस पर लागू टैक्स स्लैब के अनुसार कर देय हो सकता है।
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