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Breaking News: Tata: टाटा इन्वेस्टमेंट का तगड़ा प्रदर्शन, मुनाफे में उछाल

Dhanarekha
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Breaking News: Tata: टाटा इन्वेस्टमेंट का तगड़ा प्रदर्शन, मुनाफे में उछाल

FY26 की दूसरी तिमाही में 19% की बढ़ोतरी

नई दिल्ली: टाटा ग्रुप(Tata Group) की प्रमुख कंपनी टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन(Tata) ने वित्तीय वर्ष 2026(FY26) की दूसरी तिमाही में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 19.3% बढ़कर 148 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 124 करोड़ रुपये था। कंपनी की ऑपरेशनल आय भी 8.5% बढ़कर 154 करोड़ रुपये पर पहुंची है, जो इसके मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को दर्शाती है

EBITDA और मार्जिन में स्थिरता

कंपनी का EBITDA यानी ब्याज, टैक्स(Tax), डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई 8.2% की बढ़त के साथ 144 करोड़ रुपये रही। पिछले वित्तीय वर्ष की समान तिमाही में यह 133 करोड़ रुपये थी। यह आंकड़े कंपनी की स्थिर ऑपरेशनल क्षमता और बेहतर प्रबंधन रणनीति की ओर इशारा करते हैं। EBITDA मार्जिन मामूली रूप से घटकर 93.3% पर आ गया, जो पिछले वर्ष 93.5% था। इससे कंपनी की लागत नियंत्रण नीति का असर स्पष्ट होता है।

वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में भी प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट 294.5 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की 255 करोड़ रुपये की तुलना में 15% अधिक है। वहीं, ऑपरेशनल आय 299.5 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो 285 करोड़ रुपये से बढ़कर नई ऊंचाई पर पहुंची है।

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शेयर बाजार में मिला मिला-जुला रुख

कंपनी के नतीजों के बाद टाटा(Tata) इन्वेस्टमेंट के शेयर में हल्की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई (BSE) पर शेयर 837.20 रुपये पर बंद हुआ, जबकि कारोबार के दौरान यह 2.5% गिरकर 817.35 रुपये प्रति शेयर तक गया। इसके बावजूद दिन के दौरान यह 850 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंचा, जो निवेशकों की सकारात्मक धारणा को दिखाता है।

हाल ही में कंपनी ने अपने इक्विटी शेयरों को सब-डिवाइड करने की घोषणा की थी। इसके तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर को 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में विभाजित किया जाएगा। इससे बाजार में तरलता बढ़ने की उम्मीद है और छोटे निवेशकों को भी लाभ मिलेगा।

टाटा इन्वेस्टमेंट के बेहतर प्रदर्शन का क्या कारण है?

कंपनी की आय और EBITDA में बढ़ोतरी मुख्य रूप से सशक्त निवेश पोर्टफोलियो, स्थिर बाजार स्थिति और कुशल प्रबंधन रणनीति के कारण हुई है। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति और अधिक मजबूत बनी है।

शेयर सब-डिवीजन से निवेशकों को क्या लाभ होगा?

शेयर सब-डिवाइड होने से प्रति शेयर मूल्य घटेगा, जिससे छोटे निवेशकों के लिए निवेश करना आसान होगा। साथ ही, बाजार में शेयरों की तरलता बढ़ेगी और ट्रेडिंग वॉल्यूम में सुधार की संभावना रहेगी।

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