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Breaking News: Tesla: भारत में सस्ती होगी टेस्ला कारें जल्द

Dhanarekha
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Breaking News: Tesla: भारत में सस्ती होगी टेस्ला कारें जल्द

कीमत में भारी कटौती की तैयारी

नई दिल्ली: भारतीय ग्राहकों के लिए उम्मीद जगाती है। दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलन मस्क(Elon Musk) की टेस्ला(Tesla) कंपनी भारत में अपनी लोकप्रिय इलेक्ट्रिक कार मॉडल Y की कीमत घटाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। फिलहाल इसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपये है, लेकिन अगले 4–5 साल में यह एक तिहाई तक कम हो सकती है, जिससे ग्राहकों को करीब 20 लाख रुपये की सीधी राहत मिल सकती है।

भारत(India) का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार तेज़ी से बढ़ रहा है और टेस्ला(Tesla) प्रतिस्पर्धा में टिकने के लिए किफायती मूल्य रणनीति अपनाना चाहती है। हालाँकि कंपनी ने इस साल जुलाई में बुकिंग शुरू की थी और अभी तक केवल 140 यूनिट्स ही बिक पाई हैं, जिससे स्पष्ट है कि कीमत घटाना कंपनी के लिए आवश्यक कदम बन गया है

भारतीय बाज़ार में अवसर और रणनीति

टेस्ला(Tesla) के भारत में जनरल मैनेजर शरद अग्रवाल ने कहा कि यदि मूल्य संरचना संतुलित की जाए, तो भारतीय खरीदार मॉडल Y पर रखरखाव और ईंधन लागत में लगभग 20 लाख रुपये बचा सकते हैं। उन्होंने बताया कि घर पर चार्जिंग की लागत पेट्रोल खर्च का लगभग दसवां हिस्सा है, साथ ही इसकी रीसेल वैल्यू भी मजबूत रहती है। दूसरी ओर भारतीय बाज़ार में उपभोक्ता कीमत को सबसे महत्वपूर्ण तत्व मानते हैं, इसलिए किफायती रेंज में उतरना टेस्ला के लिए आवश्यक है।

अभी भारत में अधिकतर इलेक्ट्रिक कारों की औसत कीमत लगभग 22 लाख रुपये है, जबकि टेस्ला की कीमत लगभग तीन गुना ज्यादा है। अमेरिका से तुलना करें तो मॉडल Y यहां करीब 70% महंगी पड़ती है। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री अभी कुल कार बिक्री का केवल 5% है, इसलिए विस्तार की गुंजाइश काफी है।

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आयात शुल्क और व्यापार बाधाओं की चुनौती

इंडिया में कारों पर 100% आयात शुल्क लगता है, जिसे मस्क दुनिया में सबसे अधिक बताते रहे हैं। टेस्ला को उम्मीद थी कि अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील से आयात शुल्क में कमी आएगी। हालाँकि यह संभावना धूमिल तब हुई जब ट्रंप(Trump) सरकार ने भारत पर 50% अतिरिक्त शुल्क लगा दिया। रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर और 25% टैरिफ बढ़ा दिया गया, जिससे परिस्थितियाँ और कठिन हो गईं।

भारत–यूरोप फ्री ट्रेड समझौते की बातचीत भी रुक गई है, जिसके सफल होने पर टेस्ला अपनी जर्मनी स्थित फैक्ट्री से कम कीमत पर कारें ला सकती थी। दूसरी ओर चीनी कंपनी BYD ने Sealion 7 SUV की 1,200 से अधिक यूनिट बेचकर बेहतर प्रदर्शन किया है, जिससे टेस्ला की प्रतियोगिता और कठिन होती जा रही है।

भारत में टेस्ला की कीमतें क्यों ज्यादा हैं?

उच्च आयात शुल्क के कारण मॉडल Y की कीमत 60 लाख रुपये से ऊपर पहुंच जाती है। साथ ही पेट्रोल और संसाधनों पर अंतरराष्ट्रीय टैक्स प्रभाव भी अंतिम मूल्य को काफी प्रभावित करता है, जिसके कारण यह अन्य ईवी मॉडलों की तुलना में बहुत महंगी पड़ती है।

कीमत घटने से ग्राहकों को क्या लाभ मिलेगा?

यदि मूल्य में 20 लाख रुपये तक की कमी होती है तो रखरखाव और चार्जिंग की कम लागत मिलाकर कुल खर्च काफी कम हो जाएगा। इससे टेस्ला भारतीय बाज़ार में मजबूती से प्रतिस्पर्धा कर पाएगी और ईवी अपनाने की रफ्तार बढ़ सकती है।

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