भारतीय शेयर बाजार में आज जोरदार बिकवाली देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों और सेक्टोरल प्रेशर के चलते प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
सेंसेक्स 81,500 के स्तर पर फिसला
इंट्राडे ट्रेड में दिखी तेज गिरावट- बीएसई (sensex) सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ करीब 81,500 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई।
शेयर बाजार में आज यानी 21 जनवरी को गिरावट है। सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा गिरकर 81,500 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं (Nifty) निफ्टी में भी करीब 200 अंक की गिरावट है। ये 25,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 14 में तेजी और 16 में गिरावट है। बैंकिंग, ऑटो शेयर में तेजी देखने को मिल रही है। वहीं मीडिया, रियल्टी और IT शेयर्स में बिकवाली है।
ग्लोबल मार्केट में गिरावट
- एशियाई बाजारों में कोरिया का कोस्पी 0.26% नीचे 4,873 पर और जापान का निक्केई इंडेक्स 0.56% गिरकर 52,693 पर कारोबार कर रहा है।
- हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.13% गिरकर 26,453 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.16% बढ़कर 4,120 पर कारोबार कर रहा है ।
- 20 जनवरी को अमेरिका का डाउ जोन्स 1.76% नीचे 48,488 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डेक कंपोजिट में 2.39% और S&P 500 में 2.06% की गिरावट रही।
20 जनवरी को FII ने ₹2,191 करोड़ के शेयर्स बेचे
- 20 जनवरी को FII ने 2,191 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। वहीं DII ने 2,755 करोड़ रुपए के शेयर्स खरीदे हैं।
- दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल ₹34,350 करोड़ के शेयर्स बेचे थे। इस दौरान बाजार को संभाल रहे DIIs ने ₹79,620 करोड़ के शेयर खरीदे थे।
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज IPO का दूसरा दिन
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज IPO में निवेश करने का आज दूसरा दिन है। यह 22 जनवरी तक बोली लगाने के लिए खुला रहेगा। इस IPO में प्राइस बैंड ₹118 से ₹124 प्रति शेयर है, और रिटेल इन्वेस्टर मिनिमम 120 शेयर्स के एक लॉट पर बिड लगा सकते हैं, जिससे न्यूनतम निवेश ₹14,880 होगा। कुल इश्यू साइज ₹1,907 करोड़ है, जिसमें ₹1,000 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹907 करोड़ का ऑफर फॉर सेल शामिल है।
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कल बाजार में गिरावट रही थी
मंगलवार 20 जनवरी को सेंसेक्स 1065 अंक (1.28%) गिरकर 82,180 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 353 अंक (1.38%) की गिरावट रही। ये 25,233 के स्तर पर आ गया।
मार्केट एक्सपर्ट्स बाजार में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद को मान रहे हैं। इसके अलावा तीसरी तिमाही में रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियों के मुनाफे में कमी भी इसका कारण माना जा रहा है।
सन 2000 में सेंसेक्स कितना था?
2000 –देश में टेक्नोलॉजी बूम आया और पहली बार शेयर बाजार 5000 पार हो गया। 2001 – गुजरात में आए भीषण भूकंप के शेयर बाजार भी थर्रा गया और भारी गिरावट के साथ 3640 पर आ गया। 2004 –वामदलों के समर्थन से यूपीए सरकार का सत्ता में आना बाजार को रास आया और यह 5591 पर पहुंच गया।
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