जहां VIP शादी पर मचा बवाल… और स्कंदपुराण में भी जिक्र
उत्तराखंड के हरिद्वार के घने जंगलों में स्थित यह प्राचीन मंदिर रहस्य, आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम माना जाता है। शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह स्थान वर्षों से साधकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करता रहा है।
मंदिर का धार्मिक महत्व
इस मंदिर का उल्लेख प्राचीन ग्रंथ स्कंदपुराण में भी मिलता है, जिससे इसकी पवित्रता और ऐतिहासिक महत्व और बढ़ जाता है।
माना जाता है कि यहां पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और विशेष रूप से आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खुलता है।
Sureshwari Devi Temple Haridwar: हरिद्वार के राजाजी टाइगर रिजर्व स्थित प्राचीन सिद्धपीठ (Sureshwari Devi) मां सुरेश्वरी देवी मंदिर में कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे की शादी पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया. आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध रूप से पंडाल लगाने पर पार्क प्रशासन ने मुकदमा दर्ज कर टेंट हटवा दिया. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह वही स्थान है जहां देवराज इंद्र ने स्वर्ग प्राप्ति के लिए तपस्या की थी।
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उत्तराखंड के हरिद्वार में रानीपुर के घने जंगलों के बीच, सूरकूट पर्वत (Surkut Mountai) पर एक ऐसा रहस्यमयी मंदिर स्थित है जिसका रहस्य देवताओं के काल से जुड़ा है. राजाजी टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित दायरे में बसा मां सुरेश्वरी देवी मंदिर अपनी अपार आध्यात्मिक शक्ति के लिए जाना जाता है. इसकी गिनती सिद्धपीठों में भी होती है. यह मंदिर देवी दुर्गा और देवी भगवती को समर्पित है. लेकिन बीते दो दिनों से यह पवित्र धाम अपनी शांति के बजाय एक हाई-प्रोफाइल शादी और उससे उपजे कानूनी विवाद को लेकर सुर्खियों में है।
जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे अनुज की शादी के लिए जब शनिवार को ट्रकों में भरकर टेंट और लग्जरी कुर्सियां इस आरक्षित वन क्षेत्र (Reserved Forest) में पहुंचने लगीं, तो पर्यावरण प्रेमियों के कान खड़े हो गए. यह वही इलाका है जहां हाथियों की चिंघाड़ और गुलदारों की आहट सामान्य बात है. वन नियमों के अनुसार, इस साइलेंस जोन में किसी भी प्रकार के शोर-शराबे या बड़े पंडाल की सख्त मनाही है।
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