आस्था और विश्वास के रंग में रंगा महाराष्ट्र
नए साल के आगमन से पहले महाराष्ट्र (Maharashtra) के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। आस्था, विश्वास और भक्ति के साथ लाखों भक्त भगवान के दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं।
कोल्हापुर की अंबाबाई में उमड़ी श्रद्धा
कोल्हापुर स्थित अंबाबाई (Mahalakshmi) मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें नजर आईं। नए साल की मंगल कामना के साथ श्रद्धालु माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
शिरडी साईं बाबा के दरबार में भक्तों का तांता
शिरडी साईं बाबा मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। देश-विदेश से आए भक्त साईं बाबा के चरणों में शीश नवाकर नए साल के लिए सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
नए साल से पहले महाराष्ट्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों अंबाबाई, त्र्यंबकेश्वर और शिरडी साईं मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. भीड़ को देखते हुए त्र्यंबकेश्वर मंदिर में VIP दर्शन पर रोक लगा दी गई है।
नए साल से पहले महाराष्ट्र के धार्मिक स्थल करवीर निवासिनी अंबाबाई, त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग और शिरडी साईं मंदिर में पर्यटकों की भारी पहुंच रही है. बीते 6 दिनों में यहां लाखों लोगों ने दर्शन किए. क्रिसमस, नए साल की छुट्टियों और वीकेंड पर लोगों का हुजूम देखने को मिला है. त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग में बीआईपी दर्शन की सुविधा बंद कर दी गई है, जिसके चलते अब सभी को लाइन में लगकर ही दर्शन करने होंगे।
महाराष्ट्र के कोल्हापुर शहर और आसपास के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. रविवार ,सोमवार और मंगलवार को करवीर निवासिनी अंबाबाई मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. क्रिसमस,नववर्ष की छुट्टियों और लगातार वीकेंड के चलते बड़ी संख्या में परिवार नए साल का जश्न मनाने कोल्हापुर पहुंच रहे हैं. इसके अलावा, पुणे और मुंबई सहित अन्य शहरों से आए सैलानियों ने ज्योतिबा डोंगर, आदमापुर का बालू मामा मंदिर, न्यू पैलेस, पन्हालगढ़ किला और नरसोबाची वाडी जैसे प्रमुख स्थलों का भ्रमण कि।
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बड़ी संख्या में पहुंच रहे पर्यटक
पर्यटकों की भारी आमद से शहर के होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं और होमस्टे पूरी तरह हाउसफुल हो गए हैं. लगातार छुट्टियों और नववर्ष उत्सव के चलते कोल्हापुर के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर रौनक चरम पर है, जिससे स्थानीय पर्यटन और व्यवसाय को भी बड़ा बढ़ावा मिल रहा है. इसके अलावा, भगवान शिव को समर्पित बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. यहां मंदिर महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित है।
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में VIP दर्शन पर रोक
बढ़ती भीड़ को देखते हुए देवस्थान ट्रस्ट ने दर्शन व्यवस्था में अस्थायी बदलाव करते हुए विशेष निर्देश जारी किए हैं. मंदिर 30 दिसंबर 2025 से 4 जनवरी 2026 तक श्रद्धालुओं के लिए सुबह 4 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा. नववर्ष के अवसर पर अधिक से अधिक भक्तों को सुचारू दर्शन मिल सके, इसके लिए यह विशेष समय तय किया गया है. भक्तों की अत्यधिक संख्या को ध्यान में रखते हुए इस अवधि में VIP/विशेष दर्शन सुविधा बंद रहेगी।
हाई अलर्ट पर पुलिस
सभी श्रद्धालुओं को सामान्य कतार से ही दर्शन करने होंगे. ट्रस्ट के अनुसार छुट्टियों के कारण कतारों में 3 से 4 घंटे तक का समय लग सकता है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल समेत आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, नियमों का पालन करें और शांतिपूर्ण तरीके से भगवान शिव के दर्शन कर नववर्ष की शुरुआत आध्यात्मिक आनंद के साथ करें।
यह विशेष व्यवस्था नए साल के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है. शिरडी साईं मंदिर में भी नए साल से पहले भक्तों की भारी भीड़ पहुंच रही है. भीड़ की संभावना को देखते ही मंदिर के ट्रस्ट ने 31 जनवरी की पूरी रात दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रखने का निर्णय लिया है. 1 दिसंबर की शेजारती और 1 जनवरी की काकड़ आरती रद्द कर दी गई है. 1 जनवरी यानी नए साल के मौके पर लाखों की संख्या में भक्त दर्शन को पहुंच सकते हैं।
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