Chhori 2 मूवी रिव्यू: नुसरत की फिल्म में डर की कमी.

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Chhori 2 मूवी रिव्यू: नुसरत भरुचा की हॉरर फिल्म में दम तो है, पर डर नहीं; सोहा अली खान की वापसी ने खींचा ध्यान

Chhori 2

रेटिंग: ⭐⭐⭐☆☆ (3/5)

निर्देशक: विशाल फुरिया
मुख्य कलाकार: नुसरत भरुचा, सोहा अली खान, सुरेखा सीकरी (कैमियो), राजेश जायसवाल
शैली: हॉरर, ड्रामा
समय: 2 घंटे 5 मिनट

फिल्म की कहानी

Chhori 2 फिल्म 2021 में आई Chhori का सीक्वल है। यह कहानी वहीं से शुरू होती है जहां पिछली फिल्म खत्म हुई थी। साक्षी (नुसरत भरुचा) अपने बीते खौफनाक अनुभवों से उबरने की कोशिश कर रही है। लेकिन इस बार उसका सामना होता है एक नए घर और उससे जुड़े भूतिया रहस्यों से।

इस घर में उसका सामना होता है एक रहस्यमयी महिला (सोहा अली खान) से, जिसकी उपस्थिति डराने के साथ-साथ कई सवाल भी खड़े करती है।

Chhori 2 मूवी रिव्यू: नुसरत की फिल्म में डर की कमी.
Chhori 2 मूवी रिव्यू: नुसरत की फिल्म में डर की कमी.

क्या वाकई डराती है Chhori 2?

अगर आप हॉरर फिल्मों के शौकीन हैं और कॉनज्यूरिंग या स्त्री जैसी फिल्मों की उम्मीद लिए बैठे हैं, तो शायद Chhori 2 आपको थोड़ा निराश कर सकती है।

फिल्म में हॉरर एलिमेंट्स तो हैं, लेकिन वो चौंकाने या रोंगटे खड़े करने वाले नहीं हैं। डर कई बार दोहराव वाला लगता है, और बैकग्राउंड स्कोर भी हर जगह काम नहीं करता।

एक्टिंग और परफॉर्मेंस

नुसरत भरुचा:

नुसरत ने पूरी फिल्म में अपनी मौजूदगी मजबूत बनाए रखी है। उन्होंने मानसिक तनाव और मातृत्व के संघर्ष को अच्छे से निभाया, लेकिन हॉरर में वो भाव नहीं ला सकीं जो डर के लिए ज़रूरी होता है।

सोहा अली खान:

फिल्म की सबसे बड़ी सरप्राइज़ हैं सोहा अली खान। उन्होंने रहस्यमयी किरदार में बहुत शानदार काम किया है। उनके डायलॉग कम हैं, लेकिन एक्सप्रेशन और स्क्रीन प्रेज़ेंस काफी दमदार है।

यह कहना गलत नहीं होगा कि सोहा की वापसी ने फिल्म को बचाया है।

Chhori 2 मूवी रिव्यू: नुसरत की फिल्म में डर की कमी.
Chhori 2 मूवी रिव्यू: नुसरत की फिल्म में डर की कमी.

डायरेक्शन और सिनेमैटोग्राफी

विशाल फुरिया ने पहले पार्ट की तरह ही इस बार भी गंभीर सामाजिक मुद्दों को हॉरर के साथ जोड़ने की कोशिश की है, जो सराहनीय है। लेकिन स्क्रिप्ट कई जगह धीमी पड़ती है।

कैमरा वर्क अच्छा है, लोकेशन डरावनी और साउंड डार्क है, लेकिन पूरी फिल्म में एक थ्रिलिंग ग्राफ की कमी महसूस होती है।

कमजोर पक्ष

  • डर का दोहराव: कुछ डरावने सीन बार-बार आते हैं, जिससे हॉरर असर कम हो जाता है।
  • स्क्रिप्ट की रफ्तार धीमी: सेकंड हाफ में कहानी खिंचती हुई लगती है।
  • इमोशनल कनेक्शन की कमी: पहले पार्ट जैसा इमोशनल इम्पैक्ट नहीं बन पाता।

क्या अच्छा है?

  • सोशल मैसेज: फिल्म भ्रूण हत्या और महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषयों को टच करती है।
  • परफॉर्मेंस: नुसरत और खासतौर पर सोहा की ऐक्टिंग फिल्म को ऊपर उठाती है।
  • विजुअल टोन: लाइटिंग और सिनेमैटोग्राफी हॉरर मूड को अच्छा सपोर्ट देती है।

Chhori 2 एक सामाजिक संदेश देने की कोशिश करती हॉरर फिल्म है जो कुछ हिस्सों में असरदार है लेकिन डराने में पूरी तरह कामयाब नहीं होती। अगर आप गंभीर कहानियों के साथ हल्का हॉरर देखना चाहते हैं, तो एक बार जरूर देख सकते हैं।

digital@vaartha.com

लेखक परिचय

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