हैदराबाद। तेलंगाना के नागरिक आपूर्ति विभाग (Civil Supplies Department) ने इस माह के लिए निर्धारित चावल कोटे का 86 प्रतिशत वितरण समय सीमा से पहले ही पूरा कर लिया है। 21 अप्रैल तक राज्यभर में 5.48 लाख मीट्रिक टन से अधिक चावल लाभार्थियों तक पहुंचाया जा चुका है। यह तेज वितरण अभियान उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के 2 मार्च के निर्देश के बाद शुरू किया गया था। केंद्र ने सभी राज्यों को अप्रैल, मई और जून 2026 तिमाही के लिए खाद्यान्न उठाव और वितरण पहले ही पूरा करने को कहा था, ताकि खरीद सीजन (Procurement Season) से पहले भंडारण और लॉजिस्टिक्स संबंधी समस्याओं से बचा जा सके।
5,48,140 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका
कुल 6,43,303 मीट्रिक टन आवंटन में से 5,48,140 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। यह उपलब्धि महीने की समयसीमा समाप्त होने से आठ दिन पहले ही हासिल कर ली गई। इस अभियान के तहत राज्य में अब तक 2.62 करोड़ से अधिक सफल लेनदेन दर्ज किए गए हैं। वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी डिजिटल लेनदेन और लाभार्थियों के प्रमाणीकरण को उचित मूल्य की दुकानों (एफपी शॉप्स) पर स्वतंत्र रूप से मॉनिटर किया जा रहा है।
1 रोटी कितने चावल के बराबर होती है?
पोषण के हिसाब से एक मध्यम आकार की रोटी लगभग आधा कप पके हुए चावल के बराबर मानी जाती है। दोनों में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा करीब-करीब समान होती है, लेकिन रोटी में फाइबर थोड़ा अधिक होता है। यह तुलना व्यक्ति की डाइट, मात्रा और बनाने के तरीके (जैसे तेल या घी) पर भी निर्भर करती है।
शुगर फ्री कौन सा चावल है?
पूरी तरह “शुगर फ्री” कोई भी चावल नहीं होता, क्योंकि इसमें प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट होता है जो शरीर में ग्लूकोज में बदलता है। हालांकि, कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले विकल्प जैसे ब्राउन राइस, बासमती राइस या हाथ से कुटा चावल बेहतर माने जाते हैं, क्योंकि ये धीरे-धीरे शुगर बढ़ाते हैं और डायबिटीज मरीजों के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित होते हैं।
कौन सी बीमारी में चावल नहीं खाना चाहिए?
मुख्य रूप से मधुमेह (डायबिटीज) में अधिक मात्रा में चावल खाने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकता है। इसके अलावा मोटापा या इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी स्थितियों में भी सफेद चावल सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह के अनुसार संतुलित मात्रा में या विकल्प के रूप में ब्राउन राइस लेना बेहतर माना जाता है।
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