परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर पर निष्क्रियता का आरोप
हैदराबाद। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने बुधवार को जारी आरटीसी संकट को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि “फ्रीबी पॉलिटिक्स” ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पंगु बना दिया है और लाखों यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने एक बयान में कहा कि करीब 15,000 बसें सड़कों से बाहर हैं, जिससे लाखों लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है। सरकार द्वारा बकाया भुगतान न करने और कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी के कारण यह हड़ताल हुई है। इसका सबसे अधिक असर आम जनता पर पड़ा है, जिसकी आजीविका आरटीसी सेवाओं पर निर्भर है।
परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर पर लगाया निष्क्रियता का आरोप
भाजपा ने आरटीसी कर्मचारियों के आंदोलन को “न्यायसंगत और लंबे समय से लंबित” बताते हुए पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। रामचंदर राव ने परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर पर निष्क्रियता का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर आरटीसी विलय और पीआरसी लागू करने जैसे वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह संकट कांग्रेस सरकार की गलत प्राथमिकताओं का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के बजाय “बेतहाशा फ्रीबी योजनाओं” में लगी हुई है, जिससे राज्य परिवहन निगम आर्थिक संकट में फंस गया है। इसी कारण कर्मचारियों की वैध मांगों और लंबित बकाया का भुगतान नहीं हो पा रहा है और उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा।
अब तक कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ
भाजपा नेता ने कहा कि 2023 के चुनावों में कांग्रेस ने आरटीसी के सरकारी विलय, कर्मचारियों के सम्मान और सुरक्षा का वादा किया था, लेकिन अब तक इनमें से कोई भी पूरा नहीं हुआ है। पीआरसी गठन, उसके लाभों का क्रियान्वयन, रिक्त पदों की भर्ती, बस बेड़े का विस्तार और आरटीसी की वित्तीय मजबूती जैसे मुद्दे अभी भी लंबित हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फ्री बस योजना के तहत सैकड़ों करोड़ रुपये के बकाये जारी न करने से आरटीसी को आर्थिक संकट की ओर धकेला जा रहा है। किराए की बसों के ड्राइवरों और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की अनदेखी सरकार की उदासीनता को दर्शाती है।
रामचंदर राव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार फ्री बस योजना के तहत प्रति माह 400 करोड़ रुपये के बकाये जारी नहीं करती और यूनियनों से तुरंत बातचीत शुरू नहीं करती, तो भाजपा आंदोलन तेज करेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को डराने-धमकाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
2026 में ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियम क्या हैं?
हाल के वर्षों में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में कई बदलाव किए गए हैं। अब लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन और टेस्ट की सुविधा दी गई है। कई मामलों में ड्राइविंग टेस्ट को मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। डिजिटल लाइसेंस (mParivahan/DigiLocker) को भी मान्यता दी गई है, जिससे भौतिक लाइसेंस रखना अनिवार्य नहीं रहा।
मोबाइल से ड्राइविंग लाइसेंस कैसे चेक करें?
स्मार्टफोन के जरिए mParivahan या DigiLocker ऐप का उपयोग करके ड्राइविंग लाइसेंस आसानी से चेक किया जा सकता है। ऐप में लॉगिन करने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज करना होता है, जिसके बाद सभी विवरण स्क्रीन पर दिख जाते हैं। यह तरीका सुरक्षित और सरकार द्वारा मान्य है, जिससे कहीं भी लाइसेंस दिखाना आसान हो जाता है।
परिवहन विभाग का सबसे बड़ा अधिकारी कौन होता है?
राज्य स्तर पर परिवहन विभाग का सबसे वरिष्ठ अधिकारी आमतौर पर परिवहन आयुक्त होता है। यह अधिकारी पूरे विभाग की नीतियों, प्रशासन और कार्यों की निगरानी करता है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण की जिम्मेदारी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के पास होती है, जिसका नेतृत्व केंद्रीय मंत्री करते हैं।
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