Mahabubabad : केसमुद्रम स्टेशन पर कोच में लगी आग

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केसमुद्रम
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चार एससीआर कर्मचारी बाल-बाल बचे

महबूबाबाद : जिले के केसमुद्रम रेलवे स्टेशन पर गुरुवार मध्य रात्रि के समय खड़ी ट्रेन के एक कोच में आग लगने से दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) के चार कर्मचारी बाल-बाल बच गए। रेलवे (Railway) ट्रैक मशीन के बाकी कर्मचारियों के लिए बनाया गया एक सहायक डिब्बा रेलवे स्टेशन पर रुका हुआ था और उसमें चार कर्मचारी सो रहे थे, तभी उसमें आग लग गई। सतर्क कर्मचारियों ने डिब्बे के दरवाजे खोले और अपनी जान बचाने के लिए नीचे कूद गए। दमकल विभाग के कर्मचारी स्टेशन पहुँचे और आग पर काबू पाया। लेकिन आग से ट्रेन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है और रेलवे अधिकारियों ने घटना की जाँच शुरू कर दी है

भारत का सबसे बड़ा रेल हादसा कौन सा था?

देश का सबसे बड़ा रेल हादसा 6 जून 1981 को बिहार में हुआ था, जब एक यात्री ट्रेन बागमती नदी में गिर गई। इस दुर्घटना में अनुमानित 800 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। यह हादसा भारी बारिश और पटरियों के फिसलने के कारण हुआ माना जाता है।

रेल दुर्घटना का प्रमुख कारण क्या है?

रेल दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में पटरियों की खराब स्थिति, सिग्नल प्रणाली की विफलता, मानवीय त्रुटियां, मौसम संबंधी समस्याएं और रखरखाव की कमी शामिल हैं। कई मामलों में लापरवाही और सुरक्षा मानकों के पालन न होने से भी बड़ी दुर्घटनाएं घटित होती हैं।

भारत में रेल का आरम्भ कब हुआ था?

भारत में रेल सेवा की शुरुआत 16 अप्रैल 1853 को हुई थी, जब पहली यात्री ट्रेन मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से ठाणे के बीच चली। इस यात्रा में 14 डिब्बों में लगभग 400 यात्री थे और यह देश के परिवहन इतिहास का महत्वपूर्ण मील का पत्थर था।

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