दिवसीय ‘एनएचसीएक्स इनोवेशन मीट’ का समापन
हैदराबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद में दो दिवसीय ‘एनएचसीएक्स इनोवेशन मीट’ का समापन किया। इस कार्यक्रम में नियामक, सरकारी अधिकारी, बीमा कंपनियों, तकनीकी नवप्रवर्तनकर्ता और शिक्षाविद शामिल हुए, ताकि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत स्वास्थ्य बीमा दावों की डिजिटल प्रक्रिया को और बेहतर बनाया जा सके। 6 और 7 मार्च को आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावों एक्सचेंज (एनएचसीएक्स) हैकथॉन का भी भव्य समापन हुआ। अंतिम चरण के प्रतिभागियों ने अपने नवाचार प्रस्तुत किए, जिनका उद्देश्य पूरे देश में स्वास्थ्य बीमा दावों की प्रक्रिया को सरल और मानकीकृत करना है। एनएचए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने उद्घाटन सत्र में कहा कि स्वास्थ्य बीमा दावों का प्रबंधन बीमा प्रणाली में हमेशा एक चुनौती रहा है। एनएचसीएक्स (NHCX) का लक्ष्य इस प्रक्रिया में पारस्परिक संगतता और मानकीकरण लाना है।
डिजिटल भुगतान प्रणाली उपयोगकर्ताओं का भरोसा जीतती
उन्होंने बताया कि एनएचसीएक्स का दीर्घकालिक दृष्टिकोण उसी तरह है जैसे डिजिटल भुगतान प्रणाली उपयोगकर्ताओं का भरोसा जीतती है। कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा और परिवार कल्याण सचिव सौरभ गौर, भारत स्वास्थ्य प्रदाताओं संघ के महानिदेशक डॉ. गिर्धर ज्ञानी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान हैदराबाद के डीन प्रो. जी. नरहरी शास्त्री भी उपस्थित थे। हैकथॉन में 110 से अधिक समाधान प्रस्तुत किए गए, जिनका मूल्यांकन विशेषज्ञ समिति द्वारा किया गया। विजेताओं को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया, जिन्होंने स्वास्थ्य बीमा दावों में प्रमुख बाधाओं को हल करने वाले नवाचार पेश किए। कार्यक्रम का समापन किरण गोपाल वास्का, संयुक्त सचिव और एबीडीएम मिशन निदेशक द्वारा चर्चाओं का सार प्रस्तुत करने और अजय सेठ, अध्यक्ष बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण, भारत के समापन भाषण के साथ हुआ।
डिजिटल भुगतान कितने प्रकार के होते हैं?
आधुनिक समय में लेन-देन के लिए कई डिजिटल भुगतान तरीके उपलब्ध हैं। प्रमुख तरीकों में यूपीआई, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और मोबाइल वॉलेट शामिल हैं। इन माध्यमों से लोग मोबाइल या कंप्यूटर की मदद से आसानी से पैसे भेज और प्राप्त कर सकते हैं। डिजिटल भुगतान का उपयोग ऑनलाइन खरीदारी, बिल भुगतान और पैसे ट्रांसफर करने में तेजी से बढ़ रहा है।
कौन सा डिजिटल भुगतान तरीका सबसे तेज है?
आज के समय में यूपीआई को सबसे तेज और सुविधाजनक डिजिटल भुगतान तरीका माना जाता है। इसके माध्यम से कुछ ही सेकंड में बैंक खाते से सीधे पैसे ट्रांसफर हो जाते हैं। भारत में कई मोबाइल ऐप जैसे गूगल पे, फोनपे और पेटीएम यूपीआई प्रणाली का उपयोग करते हैं। इसकी खास बात यह है कि इसमें केवल मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी या क्यूआर कोड की मदद से तुरंत भुगतान किया जा सकता है।
डिजिटल पेमेंट कैसे करते हैं?
डिजिटल भुगतान करने के लिए सबसे पहले मोबाइल में कोई भुगतान ऐप जैसे गूगल पे, फोनपे या पेटीएम इंस्टॉल करना होता है। इसके बाद बैंक खाता जोड़कर यूपीआई पिन सेट किया जाता है। फिर क्यूआर कोड स्कैन करके, यूपीआई आईडी डालकर या मोबाइल नंबर के जरिए पैसे भेजे जा सकते हैं। भुगतान करते समय राशि दर्ज करके यूपीआई पिन डालना होता है, जिसके बाद तुरंत लेन-देन पूरा हो जाता है।
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