हैदराबाद। टास्क फोर्स (पश्चिम) टीम ने मंगलवार को लंगर हाउस के सलारजंग कॉलोनी में नकली बाघ की खाल बेचने की कोशिश करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों की पहचान बेल्लमपल्ली निवासी ड्राइवर एम विजय किशोर, मंचेरियल निवासी चिंता शंकर, बीएस मक्था निवासी मिर्जा विलायत अली बेग शाकिर और ईसीआईएल निवासी के बच्ची रेड्डी के रूप में हुई है।
बाघ की खाल की कीमत 50 लाख से अधिक
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने लोगों को नकली बाघ की खाल बेचने की योजना बनाई थी, और दावा किया था कि यह असली बाघ की खाल है, जिसकी कीमत 50 लाख रुपये या उससे भी अधिक होगी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें पता था कि बहुत से लोग इस खाल को अपने घरों में सजावट के सामान के रूप में रखना चाहेंगे। वे नकली बाघ की खाल बेचकर आसानी से मोटी रकम कमाने की योजना बना रहे थे।

नकली बाघ की खाल, एक कार और 4 मोबाइल फोन जब्त
अधिकारियों ने एक नकली Tiger की खाल, एक कार और 4 मोबाइल फोन जब्त किए, जिनकी कुल कीमत 3.5 लाख रुपये है। गिरफ्तार व्यक्तियों को जब्त सामग्री के साथ आगे की कार्रवाई के लिए लंगर हौज पुलिस को सौंप दिया गया।
जानिए बाघ के खाल का क्या होता है?
कई धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों से Tiger की खाल जुड़ी होती है। हिंदू धर्म में, यह शक्ति, अधिकार और देवी-देवताओं के साथ संबंध का प्रतीक है। Tiger की खाल का उपयोग अक्सर मंदिरों में देवताओं के आसन के रूप में, पूजा के दौरान, और धार्मिक समारोहों में किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ इन दिनों Tiger की खाल का उपयोग भौकाल बनाने में किया जा रहा है।