सैर करने वालों, खिलाड़ियों को परेशानी
कोत्तागुडेम (तेलंगाना)। कोत्तागुडेम के निवासियों ने विकास कार्यों में लगे ठेकेदारों द्वारा शहर के मध्य में स्थित खेल मैदान, प्रगति मैदान के दुरुपयोग पर आपत्ति जताई है। मैदान के रख-रखाव में अधिकारियों द्वारा उचित निगरानी की कमी के कारण खेल प्रेमियों के साथ-साथ सुबह की सैर करने वालों को भी भारी असुविधा हो रही है। पूरे मैदान को ठेकेदारों के लिए भंडारण यार्ड में बदल दिया गया है। पैदल चलने के लिए जिस ट्रैक को मुलायम मिट्टी से भरा जाना चाहिए था, ताकि पैदल यात्री आराम से चल सकें, उसमें मिट्टी और पत्थर भरे हुए हैं, जिससे ट्रैक का उद्देश्य ही विफल हो रहा है।
सीमेंट से बनाया गया था हेलीपैड
बार्ली पिट क्षेत्र में प्रगति मैदान का उपयोग राष्ट्रीय और राज्य त्योहारों जैसे गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, तेलंगाना राज्य स्थापना दिवस के अलावा खेल आयोजनों के लिए किया जाता है। कुछ समय पहले मैदान पर सीमेंट से हेलीपैड बनाया गया था, जिससे खिलाड़ियों को असुविधा हो रही थी। स्थानीय निवासी बी श्रीनिवास ने शिकायत की कि वॉकिंग ट्रैक पर बड़े-बड़े पत्थर सुबह की सैर करने वालों के लिए मुसीबत बन गए हैं। उन्होंने बताया कि हर दिन पुरुष, महिलाएं और बच्चे सुबह की सैर के लिए आते हैं और उन्हें मलबे पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे अक्सर चोटें लगती हैं।
शिकायत करने के बाद भी नहीं निकला नतीजा
उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है। स्थानीय युवक इस मैदान का इस्तेमाल क्रिकेट के आयोजन के लिए करते हैं। मैदान पर बजरी होने के कारण खिलाड़ियों के लिए मैदान पर खेलना बेहद खतरनाक हो गया है। रामा टॉकीज इलाके के निवासी एसडी अहमद ने बताया कि ग्राउंड पर विकास कार्य करने वाले ठेकेदार ने ग्राउंड पर डाली गई निर्माण सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए ग्राउंड के एक गेट पर ताला लगा दिया है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि इसके कारण ग्राउंड पर लोगों का आना-जाना बंद हो गया है।
सीमेंट की बेंचों को शराबियों ने किया क्षतिग्रस्त
पैदल चलने वालों और खिलाड़ियों के लिए लगाई गई सीमेंट की बेंचों को शराबियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिन्होंने रात के समय मैदान को अपना अड्डा बना लिया है। प्रगति मैदान में एक ओपन जिम के उपकरण बहुत ही दयनीय स्थिति में हैं, क्योंकि उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नगर निगम के अधिकारियों को इस मुद्दे पर गौर करना चाहिए और मैदान को उचित तरीके से बनाए रखने के लिए तत्काल उपाय करने चाहिए।