हैदराबाद। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (CM A Revanth Reddy) ने कहा कि आउटर रिंग रोड के भीतर स्थित शैक्षणिक संस्थानों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1700 करोड़ रुपये की योजना शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना ही तेलंगाना समाज की मजबूती की नींव है। हैदराबाद के एलबी स्टेडियम में ‘प्रजा पालना – प्रगति प्रणाली’ के अंतर्गत ‘शिक्षा सप्ताह’ के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि 1969 और 2009 के तेलंगाना आंदोलनों में विश्वविद्यालयों के छात्रों की भूमिका ऐतिहासिक रही है और उस समय उस्मानिया विश्वविद्यालय तथा काकतीय विश्वविद्यालय के छात्रों ने आंदोलन को दिशा दी थी।
शिक्षा क्षेत्र में 1700 करोड़ की विकास योजना की घोषणा
उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इस विभाग को सीधे मुख्यमंत्री के अधीन रखा गया है। ए. रेवंत रेड्डी ने बताया कि सरकार ने 60 दिनों में 11,000 शिक्षक भर्ती पूरी की है तथा 22,000 शिक्षकों को पदोन्नति दी गई है। इसके अलावा 36,000 शिक्षकों के स्थानांतरण बिना किसी विवाद के संपन्न किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 27,000 सरकारी स्कूलों में 19 लाख छात्र अध्ययन कर रहे हैं, जबकि 12,000 निजी स्कूलों में 38 लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। राज्य में प्रति 17 छात्रों पर एक शिक्षक उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बजट का 8 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया गया है और इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक ले जाने की योजना है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों को मजबूत करने के लिए 100 विधानसभा क्षेत्रों में 100 “यंग इंडिया इंटीग्रेटेड स्कूल्स” 20 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे हैं।
12वीं कक्षा तक शिक्षा व्यवस्था लागू की जा रही
ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में इस शैक्षणिक वर्ष से नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक शिक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके साथ ही छात्रों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, दूध और रागी जावा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोडंगल में पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्कूलों में ब्रेकफास्ट योजना भी शुरू की गई है। शिक्षा किट पर 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और छात्रों को स्कूल खुलने के दिन यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा और राज्य स्थापना दिवस पर शिक्षकों को सम्मानित करने की योजना है।
25 शिक्षकों को विदेश भेजा गया
उन्होंने यह भी कहा कि 25 शिक्षकों को विदेश भेजा गया है और आगे 500 शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जाएगा। ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकारी स्कूलों के छात्र “हम भी गर्व से सरकारी स्कूल में पढ़े हैं” यह कहने योग्य बनें, यही सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल विकास के केंद्र हैं, अनाथालय नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा प्रणाली को देश में मॉडल बनाना सरकार का लक्ष्य है और आने वाले समय में और भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
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