वॉशिंगटन। दुनिया का पहला एआई से चलने वाला वर्टिकल टेक-ऑफ फाइटर जेट (Vertical take-off fighter jet) तैयार हो चुका है। इस जेट का नाम है एक्स-बेट जो पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम पर चलता है। यह वही तकनीक है जो जेट को बिना जीपीएस और संचार के भी खुद दिशा तय करने, हमला करने और दुश्मन के बीच से सुरक्षित लौटने की क्षमता देती है। एक्स-बेट (X-Bet) को भविष्य का “एआई योद्धा” (AI Yodha) कहा जा रहा है, जो युद्ध के मैदान का चेहरा बदल सकता है। खास बात ये है कि इसमें न तो पायलट होगा, न रनवे की जरूरत। अमेरिकी रक्षा तकनीक कंपनी शील्ड एआई ने इस फाइटर जेट को विकसित किया है, जो एक क्लिक पर 50 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है।
इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसी कई मिशनों को अंजाम दे सकता है
एक्स-बेट आकार में कॉम्पैक्ट है, लेकिन यह पारंपरिक लड़ाकू विमानों जितना ही शक्तिशाली है। इसकी विंगस्पैन 12 मीटर से कम है और यह 50 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है। यह एक बार में 2,000 नौटिकल मील (करीब 3,700 किलोमीटर) तक उड़ान भर सकता है। इसमें हथियार अंदरूनी या बाहरी दोनों हिस्सों पर लगाए जा सकते हैं, जिससे यह स्ट्राइक, इंटेलिजेंस, और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसी कई मिशनों को अंजाम दे सकता है।
नैतिकता और जवाबदेही — क्या मशीनें युद्ध का फैसला करेंगी?
एक्स-बेट की तकनीक आधुनिक युद्ध की परिभाषा बदल सकती है। यह न केवल पायलट की जान के जोखिम को खत्म करता है बल्कि कम लागत और ज्यादा कुशल मिशन संभव बनाता है। सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह “भविष्य का सस्ता लेकिन घातक योद्धा” है। इसे बड़े पैमाने पर तैनात किया जा सकता है। हालांकि यह तकनीक जितनी रोमांचक है, उतनी ही विवादित भी। पूरी तरह स्वायत्त हथियार प्रणाली के इस्तेमाल से जवाबदेही, सुरक्षा और नैतिकता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्या मशीनें बिना इंसानी विवेक के युद्ध का फैसला लेंगी? यह आने वाले समय की सबसे बड़ी बहस होगी।
सबसे बड़ा फीचर है वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग सिस्टम
एक्स-बेट का सबसे बड़ा फीचर है इसका वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग सिस्टम। यानी इसे उड़ान भरने के लिए किसी एयरबेस या रनवे की जरूरत नहीं। यह सीधे जमीन या जहाज से उड़ सकता है। इसका मतलब है कि अब युद्ध क्षेत्र में किसी भी कठिन इलाके से फाइटर जेट तैनात किए जा सकते हैं। यह खुद से मिशन तय कर सकता है, नेविगेशन कर सकता है और यहां तक कि मानव-संचालित विमानों के साथ समन्वय में भी काम कर सकता है।
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