वाशिंगटन। अमेरिका, इजराइल और ईरान (Iran) के बीच जारी सैन्य तनाव अब और गहराता जा रहा है। जंग के 27वें दिन अमेरिका ने ईरान को एक बार फिर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने झुकने से इनकार किया, तो उस पर पहले से भी बड़ा और सख्त हमला किया जाएगा। वहीं ईरान ने भी साफ कर दिया है कि फिलहाल शांति की कोई उम्मीद नजर नहीं आती।
व्हाइट हाउस की चेतावनी, ट्रम्प सख्त रुख में
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस (White House) की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। उन्होंने साफ किया कि यदि ईरान अमेरिकी शर्तों को नहीं मानता, तो अमेरिका और कड़ी सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
ईरान ने ठुकराया सीजफायर प्रस्ताव
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Foreign Minister Abbas Araqchi) ने कहा कि फिलहाल किसी ठोस वार्ता की स्थिति नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मध्यस्थता की कोशिशों के बावजूद हालात बातचीत के लिए अनुकूल नहीं हैं।
15 बिंदुओं वाला प्रस्ताव भी बेअसर
गौरतलब है कि अमेरिका ने इससे पहले युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान को 15 बिंदुओं का प्रस्ताव भेजा था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए तेहरान पहुंचाया गया था। इसमें परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल थे।
अमेरिका की कड़ी शर्तें, राहत का भी प्रस्ताव
अमेरिका की प्रमुख शर्तों में परमाणु कार्यक्रम पर रोक, यूरेनियम संवर्धन सीमित करना, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को सभी ठिकानों तक पहुंच देना और मिसाइल कार्यक्रम पर नियंत्रण शामिल है। इसके साथ ही हिजबुल्लाह जैसे समूहों को समर्थन कम करने की भी मांग की गई। बदले में अमेरिका ने आर्थिक प्रतिबंधों को चरणबद्ध तरीके से हटाने और नागरिक परमाणु कार्यक्रम में सहयोग देने का प्रस्ताव रखा था।
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बढ़ता तनाव, शांति की उम्मीद कम
ईरान द्वारा प्रस्ताव खारिज किए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। मौजूदा हालात को देखते हुए फिलहाल किसी समाधान या शांति की उम्मीद कम नजर आ रही है और मध्य पूर्व में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
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