मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran की मिसाइल कार्रवाई ने वैश्विक सुरक्षा चिंताओं को और गहरा कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने हिंद महासागर में स्थित (Diego Garcia) द्वीप पर अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे को निशाना बनाते हुए लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, हालांकि ये अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं।
रणनीतिक ठिकाने को बनाया निशाना
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डिएगो गार्सिया द्वीप पर स्थित यह सैन्य अड्डा अमेरिका और ब्रिटेन (America and Bretain) के लिए बेहद अहम रणनीतिक केंद्र माना जाता है। इस हमले को क्षेत्रीय तनाव के बीच एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता का संकेत
(Israel Defense Forces) के अनुसार, मौजूदा संघर्ष के दौरान पहली बार इतनी लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता का प्रदर्शन देखने को मिला है। हालांकि Iran ने आधिकारिक रूप से इस हमले की पुष्टि नहीं की है और ईरानी मीडिया भी विदेशी स्रोतों के हवाले से ही खबरें दे रहा है।
3800 किमी दूरी ने बढ़ाई चिंता
विशेषज्ञों के मुताबिक चागोस द्वीपसमूह की दूरी ईरान से करीब 3800 किलोमीटर है, जो इसकी संभावित मारक क्षमता को दर्शाता है। इससे यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या भविष्य में London, Paris और Berlin जैसे यूरोपीय शहर भी इसके दायरे में आ सकते हैं।
ब्रिटेन ने जताई सावधानी
हालांकि ब्रिटेन के एक कैबिनेट मंत्री ने कहा है कि फिलहाल इस बात के ठोस सबूत नहीं हैं कि ईरान के पास इतनी लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें मौजूद हैं।
परमाणु वार्ता पर पड़ सकता है असर
हाल के दिनों में Iran की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर वैश्विक स्तर पर बातचीत चल रही थी, लेकिन इस घटना ने उस प्रक्रिया को प्रभावित कर दिया है।
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वैश्विक संकट की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात इसी तरह बिगड़ते रहे, तो यह क्षेत्रीय तनाव एक बड़े वैश्विक संकट में बदल सकता है, जिसका असर दुनिया की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ेगा।
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