वाशिंगटन। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से दुनिया को बड़ी संख्या में नए अरबपति मिले हैं। इस लिस्ट में 22 साल जैसे कम उम्र के युवा भी शामिल हैं, जिनकी कंपनियों का वैल्यूएशन अरबों डॉलर तक पहुंच गया है। साल 2025 को एआई के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति के लिए याद किया जाएगा। इस साल एआई का विस्तार बेहद तेज़ी से हुआ और इसी कारण इस सेक्टर में निवेशकों ने रिकॉर्ड स्तर पर पैसा लगाया।
एआई स्टार्टअप्स में 200 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश
एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के निवेशकों ने एआई स्टार्टअप्स (AI Strartsup) में 200 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया। एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर और संबंधित सेवाओं में भारी पूंजी प्रवाह के चलते 50 से ज्यादा लोग कागजों पर अरबपति बन गए। अमेरिका के साथ-साथ चीन की एआई कंपनियों से जुड़े कारोबारी भी इस लिस्ट में शामिल हैं।
डेटा लेबलिंग से अरबपति बने एडविन चेन
फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, सर्ज एआई के सीईओ एडविन चेन (CEO Advin Chain) की अनुमानित संपत्ति करीब 18 अरब डॉलर है। उनकी कंपनी डेटा लेबलिंग का काम करती है और उसने पांच साल से भी कम समय में 24 अरब डॉलर का वैल्यूएशन हासिल कर लिया है। गूगल, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और एंथ्रोपिक जैसे दिग्गज इसके प्रमुख ग्राहक हैं। चेन की कंपनी में 75 प्रतिशत हिस्सेदारी है और वह फोर्ब्स 400 सूची में सबसे अमीर नए व्यक्ति बनकर उभरे हैं।
सिएरा के को-फाउंडर भी अरबपति क्लब में शामिल
एआई एजेंट आधारित कस्टमर सर्विस कंपनी सिएरा के को-फाउंडर ब्रेट टेलर और क्ले बावर भी अरबपति बन गए हैं। ‘द नॉर्थ फेस’ और इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी रिवियन जैसे बड़े ब्रांड इनके ग्राहक हैं। सितंबर में फंडिंग राउंड के बाद कंपनी का वैल्यूएशन बढ़ा, जिससे दोनों की संपत्ति करीब ढाई-ढाई अरब डॉलर तक पहुंच गई।
मेरकोर के तीनों फाउंडर बने अरबपति
साल 2023 में शुरू हुई मेरकोर कंपनी ने 350 मिलियन डॉलर जुटाकर 10 अरब डॉलर का वैल्यूएशन हासिल किया है। इसके तीनों फाउंडर—ब्रेंडन फूडी, अदार्श हिरेमथ और सूर्या मिधा—अब 2.2 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक हैं। यह कंपनी एआई कंपनियों के लिए डेटा मूल्यांकन और लेबलिंग के लिए एक्सपर्ट और पीएचडी होल्डर्स की भर्ती करती है।
वाइब कोडिंग स्टार्टअप ‘लवेबल’ ने बनाए नए अरबपति
लवेबल कंपनी के को-फाउंडर एंटोन ओसिका और फैबियन हेडीन भी एआई बूम के चलते अरबपति बन गए हैं। यह एक वाइब कोडिंग स्टार्टअप है, जो बिना तकनीकी ज्ञान के सिर्फ प्रॉम्प्ट के जरिए वेबसाइट और ऐप बनाने की सुविधा देता है। दिसंबर में कंपनी ने 330 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई, जिसके बाद दोनों की नेटवर्थ अरबों में पहुंच गई।
31 साल की लुसी गुओ बनीं सबसे युवा सेल्फ-मेड महिला अरबपति
स्केल एआई की को-फाउंडर लुसी गुओ इस साल 31 वर्ष की उम्र में दुनिया की सबसे कम उम्र की सेल्फ-मेड महिला अरबपति बन गईं। उनके लिए टर्निंग पॉइंट मेटा द्वारा स्केल एआई में किया गया निवेश साबित हुआ।
AI के जनक कौन थे?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जनक जॉन मैकार्थी (John McCarthy) को माना जाता है, जिन्होंने 1955 में “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” शब्द गढ़ा और 1956 के डार्टमाउथ सम्मेलन का आयोजन किया, जिसे AI के जन्म का प्रतीक माना जाता है; उन्होंने LISP प्रोग्रामिंग भाषा भी विकसित की और इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
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